Margin Trading: शेयर बाजार में निवेशकों का जोश हुआ कम, मार्जिन ट्रेडिंग बुक में आई **4.65%** की गिरावट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Margin Trading: शेयर बाजार में निवेशकों का जोश हुआ कम, मार्जिन ट्रेडिंग बुक में आई **4.65%** की गिरावट

भारत में मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) का कुल बकाया मूल्य अक्टूबर में **4.65%** घटकर **₹1.44 लाख करोड़** पर आ गया है। पिछले छह महीनों से जारी तेजी के बाद यह पहली गिरावट है, जो दर्शाती है कि निवेशक अब बाजार में रिस्क लेने से बच रहे हैं।

मार्जिन ट्रेडिंग में क्या बदला?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर के अंत तक मार्जिन ट्रेडिंग बुक का कुल मूल्य ₹1.44 लाख करोड़ रहा। गौर करने वाली बात यह है कि अप्रैल में यह आंकड़ा ₹1.16 लाख करोड़ था, जो सितंबर में बढ़कर ₹1.51 लाख करोड़ के पीक (Peak) पर पहुंच गया था। इस गिरावट का मतलब है कि निवेशक अब कर्ज लेकर शेयर खरीदने (Leveraged betting) के बजाय अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने पर जोर दे रहे हैं।

इन बड़े शेयरों पर सबसे ज्यादा दांव

मार्केट में गिरावट के बावजूद, कुछ लार्ज-कैप शेयरों में मार्जिन फंडिंग का भारी दबाव बना हुआ है:

  • HDFC Bank: ₹3,007 करोड़ का एक्सपोजर।
  • Reliance Industries: ₹2,938 करोड़ का एक्सपोजर।
  • BSE: ₹2,386 करोड़ का एक्सपोजर।
  • Jio Platforms: ₹2,351 करोड़ का एक्सपोजर।
  • Jio Financial Services: ₹1,737 करोड़ का एक्सपोजर।

निवेशकों के लिए चेतावनी

जब बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है, तो भारी मार्जिन पोजीशन खतरनाक साबित हो सकती है। अगर किसी शेयर की कीमत अचानक गिरती है, तो ब्रोकर निवेशकों को 'मार्जिन कॉल' भेजते हैं। यदि निवेशक अतिरिक्त फंड नहीं जुटा पाते, तो ब्रोकर शेयर बेचने पर मजबूर हो जाते हैं। इसे 'फोर्स सेलिंग' कहते हैं, जो बाजार में और बड़ी गिरावट का कारण बन सकती है। फिलहाल, यह डेटा मार्केट में बदलती रिस्क-मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी का संकेत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.