महाराष्ट्र सरकार ने जमीनों और अचल संपत्तियों के डिजिटलीकरण के लिए DELTA Act की तैयारी शुरू कर दी है। ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए अब जमीन को टोकन में बदला जा सकेगा, जिससे राज्य का लक्ष्य **$1 ट्रिलियन** की इकोनॉमी बनने का है।
महाराष्ट्र सरकार रियल एस्टेट को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठा रही है। प्रस्तावित 'महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकन एसेट्स' (DELTA) एक्ट के तहत जमीन और प्रॉपर्टी को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के माध्यम से डिजिटल टोकन में बदला जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अंडर-यूटिलाइज्ड संपत्तियों में फंसी आर्थिक वैल्यू को बाहर निकालना और लिक्विडिटी को बढ़ाना है।
इकोनॉमी को मिलेगी नई रफ्तार
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में यह पहल राज्य के $1 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित होगी। इस सिस्टम के जरिए जमीन का 'फ्रैक्शनल ओनरशिप' (Fractional Ownership) मुमकिन हो पाएगा, जिससे आम निवेशक भी आसानी से रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में अपना हिस्सा खरीद सकेंगे।
SEBI और एक्सचेंजों की निगरानी
सरकार ने इस पूरे ढांचे को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। इसमें SEBI, BSE, और NSE जैसे दिग्गज रेगुलेटर्स और एक्सचेंजों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इससे यह साफ है कि सरकार बिना किसी रिस्क के एक रेगुलेटेड डिजिटल मार्केट तैयार करना चाहती है।
चुनौतियां और भविष्य
हालांकि, ब्लॉकचेन आधारित इस प्लेटफॉर्म के सामने साइबर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। डेटा की सुरक्षा और फ्रॉड को रोकना सरकार की प्राथमिकता होगी। इसके अलावा, जनता का भरोसा जीतना भी जरूरी है ताकि डिजिटल जमीन के प्रति लोग अपना निवेश बढ़ाएं। 9 सितंबर, 2026 तक यह प्रोजेक्ट अभी ड्राफ्टिंग स्टेज में है, और इसकी सफलता पूरी तरह से फाइनल लीगल फ्रेमवर्क और कमेटी की सिफारिशों पर टिकी है।
