MCX Share News: कमोडिटी मार्केट में तूफान, टर्नओवर ने तोड़े सारे रिकॉर्ड्स, छुआ **₹62.93 लाख करोड़** का आंकड़ा

SEBIEXCHANGE
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
MCX Share News: कमोडिटी मार्केट में तूफान, टर्नओवर ने तोड़े सारे रिकॉर्ड्स, छुआ **₹62.93 लाख करोड़** का आंकड़ा

Multi Commodity Exchange (MCX) ने 28 अगस्त, 2026 को इतिहास रचते हुए **₹62.93 लाख करोड़** का रिकॉर्ड डेली ट्रेडिंग टर्नओवर दर्ज किया है। इस उछाल के पीछे ऑप्शंस (Options) ट्रेडिंग का बड़ा हाथ है, जिसकी हिस्सेदारी कुल वॉल्यूम में **98%** रही।

ऑप्शंस ट्रेडिंग का दबदबा

इस रिकॉर्ड ब्रेकिंग ट्रेडिंग वॉल्यूम में ऑप्शंस सेगमेंट का योगदान ₹61.84 लाख करोड़ रहा, जबकि फ्यूचर्स ट्रेडिंग ने ₹1.09 लाख करोड़ का योगदान दिया। मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब इन डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल सिर्फ सट्टेबाजी के लिए नहीं, बल्कि बुलियन और एनर्जी जैसे कमोडिटी प्राइस में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए 'हेजिंग टूल' के तौर पर कर रहे हैं। MCX के लिए यह बढ़ती ट्रेडिंग एक्टिविटी रेवेन्यू बढ़ाने का मुख्य जरिया है, क्योंकि अधिक वॉल्यूम का मतलब है अधिक ट्रांजैक्शन फीस।

कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ और रिफॉर्म्स

MCX ने कॉपर, जिंक और एल्युमीनियम के लिए नई 'गुड डिलीवरी नॉम्स' (Good Delivery Norms) लागू की हैं, जिससे फिजिकल एसेट और पेपर डेरिवेटिव्स के बीच का फासला कम हुआ है। फाइनेंशियल फ्रंट पर कंपनी काफी मजबूत नजर आ रही है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने ₹702 करोड़ के ऑपरेशनल रेवेन्यू पर ₹413 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का स्टॉक अपने 52-वीक हाई ₹3,480 के करीब बना हुआ है और 28 अगस्त को यह ₹3,332 पर बंद हुआ।

रिस्क और ध्यान देने योग्य बातें

निवेशकों को यह समझना होगा कि एक्सचेंज का रेवेन्यू मॉडल मार्केट वोलेटिलिटी (Volatility) पर टिका है। यदि ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में स्थिरता आती है, तो वॉल्यूम घट सकते हैं। इसके अलावा, SEBI की ओर से आने वाले नियम, फीस स्ट्रक्चर में बदलाव और रेगुलेटरी कंप्लायंस पर पैनी नजर रखना बेहद जरूरी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.