Ministry of Corporate Affairs (MCA) ने तकनीकी दिक्कतों के चलते FY26 फाइनेंशियल स्टेटमेंट जमा करने की अंतिम तारीख **31 दिसंबर 2026** और एनुअल रिटर्न के लिए **31 जनवरी 2027** तय कर दी है। इस फैसले से कंपनियों पर लगने वाला लेट फीस का बोझ खत्म हो गया है, लेकिन AGM की डेडलाइन पहले जैसी ही रहेगी।
सरकारी पोर्टल की समस्याओं का समाधान
लगातार सामने आ रही तकनीकी दिक्कतों और MCA-21 पोर्टल की अस्थिरता को देखते हुए मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ने यह बड़ा राहत भरा कदम उठाया है। कंपनियां जो अब तक पोर्टल पर आ रहे एरर्स (जैसे लॉगआउट और डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट की दिक्कतें) के कारण फाइलिंग नहीं कर पा रही थीं, उन्हें अब पर्याप्त समय मिल गया है।
अब नई समय-सीमा के तहत, फाइनेंशियल स्टेटमेंट जमा करने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का समय दिया गया है। इसमें कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स, XBRL रिपोर्ट और NBFC की विशेष फाइलिंग शामिल हैं। वहीं, एनुअल रिटर्न के लिए फॉर्म MGT-7 और MGT-7A सबमिट करने की डेडलाइन 31 जनवरी 2027 तक बढ़ा दी गई है। इस दौरान कोई भी एडिशनल फीस नहीं ली जाएगी।
AGM की डेडलाइन में कोई बदलाव नहीं
सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह राहत सिर्फ डॉक्यूमेंट फाइलिंग तक सीमित है। कंपनियों को अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) तय समय सीमा के भीतर ही आयोजित करनी होगी। फाइलिंग में मिली इस मोहलत का मतलब यह नहीं है कि AGM को टाला जा सकता है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) और तमाम कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स ने पोर्टल के बार-बार हैंग होने और डेटा सबमिशन में आ रही बाधाओं की शिकायत की थी। सरकारी विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याओं के कारण कंपनियों पर वित्तीय दंड न पड़े। अब कंपनियों का पूरा फोकस अपने ऑडिट और डेटा की सटीकता पर होना चाहिए, ताकि आखिरी समय में किसी भी तरह की तकनीकी परेशानी से बचा जा सके।
