Lord’s Mark Industries के प्रमोटर डॉ. सच्चिदानंद हरिराम उपाध्याय ने कंपनी के **1 करोड़** शेयर बेचे हैं। यह हिस्सेदारी Goldman Sachs और AT Trade Overseas ने खरीदी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य SEBI के मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों का पालन करना है।
रेगुलेटरी अनुपालन और बाजार पर असर
इस ट्रांजेक्शन का मुख्य मकसद SEBI द्वारा निर्धारित मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों को पूरा करना है। लिस्टेड कंपनियों के लिए SEBI यह अनिवार्य करता है कि पारदर्शिता और लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए एक निश्चित हिस्सा पब्लिक शेयरधारकों के पास होना चाहिए। प्रमोटर की हिस्सेदारी कम होने से कंपनी अब रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के साथ बेहतर तरीके से एलाइन हो गई है।
संस्थागत निवेशकों का भरोसा
Goldman Sachs जैसे बड़े ग्लोबल फाइनेंशियल प्लेयर का इस डील में शामिल होना कंपनी के बिजनेस मॉडल पर मुहर लगाने जैसा है। कंपनी हेल्थकेयर, डायग्नोस्टिक्स और एनर्जी जैसे सेक्टर में काम कर रही है, जहां काफी ग्रोथ की संभावनाएं हैं।
आगे की रणनीति
शेयर ट्रांसफर के बाद भी प्रमोटर ग्रुप के पास कंपनी का बहुमत हिस्सा बना हुआ है, जिससे उनका स्ट्रैटेजिक कंट्रोल बरकरार रहेगा। कंपनी के अनुसार, इस बिक्री से मिले फंड का इस्तेमाल प्रोडक्ट इनोवेशन और स्पेशलाइज्ड मार्केट्स में विस्तार करने के लिए किया जाएगा। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इन संसाधनों का उपयोग कितनी कुशलता से करती है।
