स्टॉकब्रोकिंग प्लेटफॉर्म Lemonn ने अब Multi Commodity Exchange (MCX) पर कमोडिटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग की शुरुआत कर दी है। अब रिटेल निवेशक गोल्ड, सिल्वर और क्रूड ऑयल जैसे नॉन-एग्रीकल्चरल एसेट्स में ट्रेड कर पाएंगे, जो इस सेक्टर में बढ़ रही बड़ी हलचल का हिस्सा है।
Nu Investors Technologies द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म Lemonn ने अब कमोडिटी डेरिवेटिव्स मार्केट में एंट्री कर ली है। कंपनी ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर अपनी ट्रेडिंग सुविधाएं लाइव कर दी हैं। अब तक केवल इक्विटी-बेस्ड प्रोडक्ट्स पर फोकस करने वाली यह कंपनी अब अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है।
क्या है खास?
प्लेटफॉर्म पर अब यूजर्स गोल्ड और सिल्वर जैसी कीमती धातुओं के अलावा कॉपर, जिंक, एल्युमिनियम और क्रूड ऑयल व नेचुरल गैस में फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग कर सकेंगे। इसके लिए प्लेटफॉर्म ने अपनी ट्रेडिंग टाइमिंग को भी बढ़ाया है। अब निवेशक ग्लोबल मार्केट के हिसाब से रात 11:30 PM और कुछ विशेष दिनों में 11:55 PM तक ट्रेड कर सकते हैं।
मार्केट का गणित
FY26 में कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट का टर्नओवर ₹183.3 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया था। इसी बढ़ते क्रेज को देखते हुए Lemonn ने यह कदम उठाया है ताकि इक्विटी ट्रेडर्स को एक ही इंटरफेस पर डाइवर्सिफिकेशन का विकल्प मिल सके। कंपनी भविष्य में एग्रीकल्चरल कमोडिटी और इलेक्ट्रिसिटी कॉन्ट्रैक्ट्स लाने पर भी विचार कर रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कमोडिटी मार्केट इक्विटी से अलग है और यहां जोखिम काफी अधिक होता है। इसमें अक्सर हाई लेवरेज मिलता है, जहां कम कैपिटल में बड़े पोजीशन लिए जा सकते हैं। इसका मतलब है कि मुनाफा बड़ा हो सकता है, लेकिन बाजार के गलत दिशा में जाने पर पूंजी डूबने का खतरा भी उतना ही रहता है। ग्लोबल सप्लाई चेन और जियो-पॉलिटिकल तनावों के कारण कीमतें पल भर में बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग से पहले अपनी रिस्क क्षमता को जरूर समझें।
