ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Just Dial के लिए मुश्किल बढ़ गई है। CCPA ने कंपनी पर **₹10 लाख** का भारी जुर्माना लगाया है, क्योंकि प्लेटफॉर्म पर बिना वेरिफिकेशन के अमोनियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक विस्फोटक पदार्थ की लिस्टिंग की जा रही थी।
नियम-कानूनों की अनदेखी
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने 28 अक्टूबर, 2026 को जारी अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि Just Dial ने नियमों का उल्लंघन किया है। अथॉरिटी ने अमोनियम नाइट्रेट को कंज्यूमर गुड्स के बजाय 'खतरनाक सामग्री' (Hazardous Material) माना है, जिसे बिना रेगुलेशन के बेचना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
जांच में पाया गया कि कंपनी ने बिना किसी वैध वेंडर लाइसेंस की जांच किए इन लिस्टिंग्स को सक्रिय रखा। सबसे बड़ी चूक यह रही कि कंपनी ने इन वेंडर्स से सब्सक्रिप्शन फीस ली और विज्ञापन (Paid Campaigns) भी चलाए, लेकिन 'Know Your Customer' (KYC) प्रोसेस को पूरी तरह नजरअंदाज किया। कंपनी ने Petroleum and Explosives Safety Organisation (PESO) को भी इन सेलर्स की जानकारी नहीं दी, जो Ammonium Nitrate Rules, 2012 का उल्लंघन है।
इंटरमीडियरी लायबिलिटी पर बहस
इस मामले में Just Dial का तर्क था कि वह केवल एक 'पैसिव डायरेक्टरी' है, लेकिन रेगुलेटर ने इसे खारिज कर दिया। CCPA ने बताया कि जब कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर पेड प्रमोशन और विज्ञापन के जरिए कमाई कर रही है, तो वह जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। यह मामला अब भारत में 'इंटरमीडियरी लायबिलिटी' (Intermediary Liability) पर एक नई बहस छेड़ रहा है।
निवेशकों के लिए सबक
भले ही ₹10 लाख का जुर्माना कंपनी के मुनाफे पर बड़ा असर न डाले, लेकिन रेगुलेटरी स्क्रूटनी का दबाव बढ़ रहा है। अब निवेशकों की नजर इस पर होगी कि क्या Just Dial अपने वेंडर ऑनबोर्डिंग और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को सख्त करता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए अब अनुपालन (Compliance) का खर्च और जोखिम दोनों ही ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं।
