Jubilant Pharmova की सब्सिडियरी Jubilant Generics को GST अथॉरिटीज से **₹105.5 करोड़** का शो-कॉज नोटिस मिला है। कंपनी पर टैक्स बेनेफिट्स के गलत इस्तेमाल का आरोप है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि कंपनी पहले से ही अपने मुनाफे में **45%** की बड़ी गिरावट से जूझ रही है।
उत्तराखंड GST अथॉरिटीज ने कंपनी को ₹105.5 करोड़ की डिमांड भेजी है, जिसमें ₹52.75 करोड़ का टैक्स बकाया और इतनी ही रकम का जुर्माना शामिल है। यह मामला फाइनेंशियल ईयर 2020-21 और 2021-22 से जुड़ा है।
क्या है विवाद की मुख्य वजह?
टैक्स विभाग का आरोप है कि सब्सिडियरी ने IGST रिफंड और 'एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम' दोनों का एक साथ गलत फायदा उठाया है। नियमों के मुताबिक, इन दोनों स्कीम का एक साथ लाभ उठाना मान्य नहीं है।
कंपनी का क्या है रुख?
Jubilant Pharmova ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि यह नोटिस कानूनी और तथ्यात्मक रूप से गलत है। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि वे इस मामले को CGST डिवीजन के ज्वाइंट कमिश्नर के सामने चुनौती देंगे। साथ ही, कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि इससे उनके ऑपरेशन्स पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए क्यों है यह चिंता की बात?
हाल ही में कंपनी ने जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए थे, जिसमें नेट प्रॉफिट में 45.09% की भारी गिरावट देखी गई थी। पहले से ही मार्जिन दबाव और 1.3x के डेट-टू-एबिटा (Debt-to-EBITDA) रेशियो के बीच, यह नया टैक्स विवाद मार्केट सेंटीमेंट को और कमजोर कर सकता है। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि कंपनी इस कानूनी कानूनी पचड़े से बिना किसी बड़े कैश आउटफ्लो के कैसे बाहर निकलती है।
