Infotech HAL JV Liquidation: साइंट और HAL के ज्वाइंट वेंचर का होगा खात्मा, NCLT ने सुनाया बड़ा आदेश

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Infotech HAL JV Liquidation: साइंट और HAL के ज्वाइंट वेंचर का होगा खात्मा, NCLT ने सुनाया बड़ा आदेश
Overview

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने साइंट लिमिटेड (Cyient Limited) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच का ज्वाइंट वेंचर (JV), इन्फोटेक HAL लिमिटेड (Infotech HAL Limited) को लिक्विडेशन (Liquidation) यानी बंद करने का आदेश दिया है। मिस्टर वासुदेवन गोपू को लिक्विडेटर (Liquidator) नियुक्त किया गया है, जो कंपनी के कामकाज को समेटने की प्रक्रिया की देखरेख करेंगे। यह फैसला कंपनी के कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में जाने के बाद आया है।

NCLT का अहम फैसला: होगा ज्वाइंट वेंचर का खात्मा

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 3 मार्च, 2026 को इन्फोटेक HAL लिमिटेड (Infotech HAL Limited) के लिक्विडेशन (Liquidation) की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है। यह ज्वाइंट वेंचर (JV) साइंट लिमिटेड (Cyient Limited) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का 50:50 का साझा उपक्रम था। एन सी एल टी (NCLT) ने इस प्रक्रिया की देखरेख के लिए मिस्टर वासुदेवन गोपू को लिक्विडेटर (Liquidator) नियुक्त किया है, जो कंपनी के कामकाज को समेटने की प्रक्रिया की देखरेख करेंगे। इस निर्णय से इन्फोटेक HAL JV का औपचारिक रूप से समापन होगा, जबकि इसकी पैरेंट कंपनियाँ, साइंट और HAL, भी इस बिज़नेस को बंद करने की प्रक्रिया का सामना करेंगी।

JV की पृष्ठभूमि और अब क्या बदलेगा?

इन्फोटेक HAL लिमिटेड की स्थापना लगभग 2007-08 में एक स्ट्रेटेजिक ज्वाइंट वेंचर के तौर पर हुई थी। इसका मकसद HAL की एयरोस्पेस (Aerospace) विशेषज्ञता और साइंट की इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी क्षमताओं का लाभ उठाकर एविएशन (Aviation) और डिफेंस (Defence) सेक्टर में काम करना था।

यह ध्यान देने योग्य है कि कंपनी को 28 अगस्त, 2025 को NCLT बेंगलुरु बेंच द्वारा कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में स्वीकार किया गया था, जिसमें मिस्टर वासुदेवन गोपू को अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) नियुक्त किया गया था। कंपनी को लेकर मार्च 2024 और अगस्त 2025 में पहले भी खुलासे हुए थे। HAL के जून 2021 के वित्तीय बयानों में भी इन्फोटेक HAL की रिपोर्टिंग में चुनौतियों का संकेत मिला था।

अब लिक्विडेशन की प्रक्रिया शुरू होने से JV का बिज़नेस ऑपरेशन पूरी तरह बंद हो जाएगा। इन्फोटेक HAL लिमिटेड की एसेट्स की पहचान, मूल्यांकन और बिक्री करके क्रेडिटर्स (Creditors) का भुगतान किया जाएगा। लिक्विडेटर क्रेडिटर्स के दावों (Claims) को प्रोसेस करेगा। साथ ही, साइंट और HAL को अपने निवेश के राइट-ऑफ (Write-off) और किसी भी बकाया लायबिलिटीज़ (Liabilities) के लिए अकाउंटिंग करनी होगी।

आगे क्या ट्रैक करें?

  • मिस्टर वासुदेवन गोपू की देखरेख में लिक्विडेशन प्रक्रिया की प्रगति।
  • इन्फोटेक HAL की एसेट्स से वसूली गई राशि और क्रेडिटर्स को उसका वितरण।
  • NCLT और लिक्विडेटर की ओर से अंतिम क्लोजर रिपोर्ट।
  • साइंट और HAL के वित्तीय विवरणों पर उनके निवेश के राइट-ऑफ से जुड़े किसी भी अतिरिक्त खुलासे पर नज़र रखें।
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