भारतीय शेयर बाजारों में लगातार दबाव बना हुआ है। पिछले 3 दिनों में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने **₹26,000 करोड़** से ज्यादा की भारी बिकवाली की है, जिससे Nifty 50 और Sensex फिसल गए हैं।
बिकवाली की असली वजह क्या है?
बाजार में इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण US 10-year Treasury yield है, जो फिलहाल 5.3% के आसपास है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से विदेशी निवेशकों का रुझान भारत जैसे उभरते बाजारों से कम हो गया है। साथ ही, रुपया भी 96.00 के स्तर के करीब कमजोर हुआ है, जिस पर अब Reserve Bank of India की नजर बनी हुई है।
Auto सेक्टर में हड़कंप
ऑटो कंपनियों के लिए सितंबर का महीना अच्छा नहीं रहा। Bajaj Auto के शेयर 7-9% तक गिर गए, जिसका मुख्य कारण कंपनी की सेल्स में 12% की सालाना गिरावट रही। कमजोर मांग के डर से Mahindra & Mahindra और Maruti Suzuki जैसे दिग्गज स्टॉक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है आगे?
एक तरफ जहां FIIs लगातार पैसा निकाल रहे हैं, वहीं Domestic Institutional Investors (DIIs) बिकवाली को रोकने की कोशिश में हैं। IT और प्राइवेट बैंक स्टॉक्स फिलहाल बाजार को थोड़ा सहारा दे रहे हैं। आने वाले समय में निवेशकों को FIIs के आंकड़ों, US यील्ड के मूवमेंट और कॉर्पोरेट अर्निंग्स के नतीजों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
