भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्लोबल टेंशन और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच बाजार लगातार 7वें दिन लाल निशान में बंद हुआ है। इस बीच, Swiggy के कमजोर नतीजों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
बाजार की सुस्त चाल
सप्ताह का आखिरी कारोबारी दिन भारतीय निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा। Nifty Smallcap 100 और Nifty Midcap 100 इंडेक्स में लगभग 3% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बेंचमार्क Nifty 50 भी 1% नीचे फिसला। बाजार का यह हाल कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी और वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण है, जिससे विदेशी निवेशकों का पैसा बाहर निकल रहा है।
Swiggy पर क्यों टूटा भरोसा?
Swiggy के शेयर में 16% की ऐतिहासिक गिरावट देखी गई। इसकी मुख्य वजह कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे हैं, जिसमें क्विक-कॉमर्स डिवीजन में घाटा बढ़ता हुआ दिखा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी राह में आई इस बाधा के बाद ब्रोकरेज हाउसेस ने टारगेट प्राइस में भी कटौती शुरू कर दी है।
स्मॉलकैप और मिडकैप का हाल
स्मॉलकैप में बिकवाली का आलम यह था कि 100 में से 96 शेयर लाल निशान में बंद हुए। TD Power Systems, Inox Wind, Ola Electric Mobility और Karur Vysya Bank जैसे शेयरों में 7% तक की गिरावट आई। मिडकैप सेगमेंट में भी Motilal Oswal Financial Services, National Aluminium Company, Adani Total Gas और Mahindra & Mahindra Financial Services जैसे स्टॉक्स 5% तक टूटे।
फिलहाल, निवेशकों की नजर ग्लोबल क्रूड ऑयल के भाव और जियो-पॉलिटिकल खबरों पर टिकी है। Swiggy के मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मैनेजमेंट कॉस्ट कंट्रोल और मार्जिन सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
