US जॉब डेटा के कमजोर आंकड़ों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंता को कम कर दिया है, जिससे 5 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद है। हालांकि, आठ हफ्तों से जारी गिरावट के बाद निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
भारतीय बाजार आज यानी 5 अक्टूबर को एक सकारात्मक शुरुआत के लिए तैयार हैं। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि बाजार में गैप-अप ओपनिंग होगी, जो निवेशकों को पिछले कई हफ्तों की जबरदस्त गिरावट के बाद थोड़ी राहत दे सकती है।
तेजी की मुख्य वजह
बाजार का मूड बदलने के पीछे अमेरिका का सितंबर नॉन-फार्म पेरोल डेटा है। अमेरिका में उम्मीद के मुकाबले केवल 29,000 नौकरियां जुड़ी हैं, जबकि अनुमान 90,000 का था। इस धीमे रोजगार आंकड़ों से संकेत मिलता है कि अब फेडरल रिजर्व (US Fed) पर ब्याज दरें तेजी से बढ़ाने का दबाव कम हो सकता है, जिससे ग्लोबल इक्विटी मार्केट को सहारा मिल रहा है।
बाजार की मौजूदा स्थिति
भले ही आज बाजार हरे निशान में खुल रहा है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड्स को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Nifty 50 ने हाल ही में लगातार 8 हफ्तों की गिरावट दर्ज की है, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे लंबा दौर है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Nifty 50 के करीब 84% शेयर अपने 200-डे मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहे हैं।
FIIs बनाम DIIs की लड़ाई
आज की तेजी टिकेगी या नहीं, यह FIIs और DIIs के बीच जारी खींचतान पर निर्भर करेगा। जहां विदेशी निवेशक (FIIs) लगातार बिकवाली कर बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं, वहीं घरेलू निवेशक (DIIs) डटकर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार की दिशा इस बात पर टिकी है कि क्या DIIs का सपोर्ट विदेशी बिकवाली को पूरी तरह सोख पाएगा या नहीं।
इन जोखिमों पर रखें नजर
निवेशकों को मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के प्रति भी सावधान रहना चाहिए। सऊदी अरामको (Saudi Aramco) की फैसिलिटीज पर हमलों की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें बढ़ रही हैं। भारत तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें घरेलू महंगाई और कंपनियों के मार्जिन पर असर डाल सकती हैं, जो बाजार की रिकवरी पर ब्रेक लगा सकता है।
