लगातार चार दिनों की तेजी के बाद भारतीय बाजारों के लिए आज का दिन चुनौतीपूर्ण रह सकता है। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि बाजार में आज सुस्ती देखी जा सकती है, जिसके पीछे अमेरिकी चुनावों की अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मुख्य वजह हैं।
भारतीय शेयर बाजार में चार दिनों की लगातार रौनक के बाद आज थोड़ी सुस्ती दिख सकती है। 4 नवंबर, 2026 को बाजार खुलने से पहले GIFT Nifty के आंकड़े कमजोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट की बेचैनी
इन्वेस्टर्स की नजरें फिलहाल अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों (US Midterm Elections) पर टिकी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी में नीतिगत बदलावों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर एशियाई और यूरोपीय बाजारों पर साफ दिख रहा है। इसके साथ ही, कमोडिटी मार्केट में कच्चा तेल (Brent Crude Oil) करीब $105 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। भारत के लिए तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और फिस्कल बैलेंस के लिहाज से जोखिम पैदा करती हैं, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल है।
FII और DII का डेटा
पिछले सत्र में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का रुख दिलचस्प रहा। 3 नवंबर को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजारों में नेट ₹6,837 करोड़ का निवेश किया, जबकि घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹3,679 करोड़ की बिकवाली की। FIIs का भरोसा जहां बाजार को सपोर्ट दे रहा है, वहीं घरेलू स्तर पर प्रॉफिट-बुकिंग का दबाव भी साफ महसूस किया जा सकता है।
मार्केट आउटलुक
निफ्टी 50 पिछले सत्र में 23,810.85 पर और सेंसेक्स 76,917.85 पर बंद हुआ था। बाजार के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती 23,700–23,800 के लेवल को बनाए रखने की है। अगर तेल की कीमतों और प्रॉफिट-बुकिंग का दबाव बढ़ा, तो बाजार में मामूली करेक्शन भी देखने को मिल सकता है। आज के कारोबारी दिन में सेक्टर-स्पेसिफिक ट्रेंड्स और कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
