आज के कारोबारी सत्र में Indian markets के कमजोर खुलने के संकेत हैं। GIFT Nifty में **40 अंकों** की गिरावट देखी जा रही है। कमजोर अर्निंग्स और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
भारतीय शेयर बाजार में आज 22 अक्टूबर, 2026 को सुस्त शुरुआत होने के आसार हैं। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि बाजार में 40 अंकों की गिरावट देखने को मिल सकती है। मौजूदा दौर में मार्केट सेंटीमेंट काफी सतर्क बना हुआ है, जिसकी मुख्य वजह कंपनियों के कमजोर नतीजे और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में जारी अस्थिरता है।
बाजार का हाल और सेक्टोरल परफॉर्मेंस
हालिया सत्रों में Sensex और Nifty दोनों पर ही बिकवाली का दबाव बना हुआ है। बड़े स्टॉक्स के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी करेक्शन जारी है। इन्वेस्टर सेंटीमेंट कमजोर होने के कारण प्रॉफिट बुकिंग हावी है। दिलचस्प बात यह है कि बाजार में एक स्पष्ट विभाजन दिख रहा है:
- IT सेक्टर: IT शेयरों ने डिफेंसिव प्ले के तौर पर शानदार प्रदर्शन किया है और इनमें 2.5% की बढ़त देखी गई है।
- दबाव वाले सेक्टर्स: ऑटो, एनर्जी, रियल्टी और प्राइवेट बैंकिंग जैसे सेक्टर्स में 1% से 2% तक की भारी बिकवाली देखी गई है।
कच्चे तेल की चिंता और संस्थागत निवेश
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारत कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ जाता है और कंपनियों के मार्जिन पर बुरा असर पड़ता है।
हालांकि, एक पॉजिटिव खबर यह है कि बाजार में बिकवाली के बावजूद Foreign Institutional Investors और Domestic Institutional Investors लगातार बाइंग मोड में हैं। यह स्पष्ट है कि रिटेल ट्रेडर्स भले ही मुनाफावसूली कर रहे हों, लेकिन बड़े निवेशक इस करेक्शन को एक मौके की तरह देख रहे हैं और अच्छी क्वालिटी के स्टॉक्स को पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की चाल मुख्य रूप से कंपनियों के आने वाले नतीजों और क्रूड ऑयल की कीमतों पर निर्भर करेगी।
