4 सितंबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने अपनी चार दिन की लगातार गिरावट को थाम लिया है। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की जबरदस्त खरीदारी ने विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली के असर को बेअसर कर दिया है।
भारतीय शेयर बाजारों ने 4 सितंबर, 2026 को शानदार वापसी की है। BSE Sensex 362.57 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 76,515.43 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 ने 24.25 अंक की तेजी के साथ 23,897.70 पर कारोबार समाप्त किया। यह रिकवरी पूरी तरह से घरेलू सपोर्ट के दम पर आई है।
बाजार का गणित
एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, Domestic Institutional Investors (DIIs) ने बाजार में ₹4,977.46 करोड़ की खरीदारी की, जिसने Foreign Institutional Investors (FIIs) द्वारा की गई ₹2,345.87 करोड़ की बिकवाली के दबाव को पूरी तरह सोख लिया। बाजार की इस स्थिरता में घरेलू संस्थानों की भूमिका बेहद अहम रही है।
कच्चे तेल की चिंता (Crude Oil Risk)
बाजार में रौनक जरूर है, लेकिन चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। Brent crude की कीमतें $95.90 प्रति बैरल के पास बनी हुई हैं। तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय कंपनियों के लिए चिंता का विषय हैं क्योंकि इससे लॉजिस्टिक्स और रॉ मटीरियल की लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ता है। साथ ही, वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव भी निवेशकों के लिए सतर्क रहने की वजह है।
सेक्टर का हाल
शुक्रवार के सत्र में मेटल सेक्टर ने दम दिखाया, जहाँ Tata Steel में तेजी देखी गई। वहीं, Nifty 50 के टॉप गेनर्स में SBI Life और HDFC Life जैसे शेयर शामिल रहे। आने वाले समय में बाजार की नजर US Federal Reserve की पॉलिसी और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड पर रहेगी, जो मार्केट लिक्विडिटी को प्रभावित कर सकते हैं।
