भू-राजनीतिक चिंताओं और गिरते रुपये का असर
13 अप्रैल को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव थे। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ताओं में आई रुकावट ने युद्ध की आशंकाओं को बढ़ाया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया और यह $100 प्रति बैरल के पार निकल गया।
इस माहौल ने निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता को कम कर दिया। इसी के साथ, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 65 पैसे कमजोर होकर 93.38 के स्तर पर आ गया, जो पिछले दो हफ्तों में सबसे बड़ी गिरावट थी। इस दोहरे झटके के कारण, BSE का सेंसेक्स 702.68 अंक ( 0.91%) गिरकर 76,847.57 पर बंद हुआ, जबकि NSE का निफ्टी 207.95 अंक ( 0.86%) लुढ़ककर 23,842.65 पर आ गया।
बाजार में बिकवाली के दबाव के बीच, विदेशी निवेशकों ने ₹1711 करोड़ के शेयर बेचे, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने ₹2432 करोड़ की खरीदारी की।
सेक्टरों में मिलाजुला कारोबार, डिफेंस चमका
अधिकांश सेक्टरों में गिरावट देखने को मिली। FMCG, ऑटो, IT, एनर्जी और ऑयल एंड गैस सेक्टरों में लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। ऑटो सेक्टर, जो घरेलू मांग का अहम पैमाना माना जाता है, 2% से अधिक नीचे आ गया।
हालांकि, पावर, डिफेंस और टेलीकॉम सेक्टरों ने मजबूती दिखाई। खासकर, Nifty India Defence इंडेक्स ने इस साल अब तक करीब 7.5% का शानदार रिटर्न दिया है, जिसका श्रेय सरकारी नीतियों और वैश्विक घटनाओं को दिया जा रहा है।
Nifty पर टॉप गेनर्स में HDFC Life, Adani Enterprises और ICICI Bank शामिल रहे, जबकि Maruti Suzuki, Eicher Motors और Reliance Industries प्रमुख लूजर्स रहे।
वैल्यूएशन और उभरते जोखिम
प्रमुख कंपनियों के वैल्यूएशन पर नजर डालें तो Maruti Suzuki 26.2x-29.38x के P/E रेंज में ट्रेड कर रहा था, Reliance Industries 21.0x-22.0x, ICICI Bank 16.3x-18.04x, Adani Enterprises 19.57x-25.7x और HDFC Life Insurance 64.2x-69.01x के उच्च स्तर पर था।
रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल के बढ़ते दाम आयात लागत बढ़ाते हैं और मुद्रास्फीति (inflation) को बढ़ा सकते हैं। इससे उन सेक्टरों पर असर पड़ सकता है जो आयातित सामग्री या ऊर्जा पर निर्भर हैं। ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं को भी लागत बढ़ने से मुनाफे में कमी का सामना करना पड़ सकता है।
आगे की राह: सपोर्ट लेवल्स और सतर्क रुख
विश्लेषकों का कहना है कि Nifty पर 23500 के स्तर पर अहम सपोर्ट है, जबकि 24100 पर रेजिस्टेंस (resistance) दिख रहा है। अगर यह सपोर्ट स्तर बना रहता है, तो बाजार में रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा जारी होने के कारण निवेशकों के रुख में सतर्कता बनी रहने की संभावना है।