आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रहने के आसार हैं। GIFT Nifty स्थिरता के संकेत दे रहा है, लेकिन विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली से IT और फाइनेंस सेक्टर पर भारी दबाव बना हुआ है।
भारतीय इक्विटी बाजार आज बेहद सतर्क रुख के साथ खुल सकते हैं, क्योंकि GIFT Nifty सपाट शुरुआत का संकेत दे रहा है। पिछली ट्रेडिंग सेशन में बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली थी। BSE Sensex लगभग 330 अंक फिसलकर 74,529 पर बंद हुआ, जबकि Nifty50 23,329 के स्तर पर रहा। यह बाजार में मौजूदा सुस्ती और पार्टिसिपेंट्स के बीच आत्मविश्वास की कमी को दर्शाता है।
FIIs की बिकवाली का असर
बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने ₹3,809.99 करोड़ के शेयर नेट बेचे हैं। यह आउटफ्लो बाजार में लिक्विडिटी का दबाव बना रहा है, जिससे उन बड़े लार्ज-कैप शेयरों को संभलने का मौका नहीं मिल रहा जो इंडेक्स को ऊपर ले जाने की ताकत रखते हैं।
इन सेक्टरों पर है मार
बिकवाली की सबसे ज्यादा मार IT, फाइनेंशियल सर्विसेज और कैपिटल गुड्स सेक्टर पर पड़ी है। Bajaj Finserv, Bajaj Finance, Trent, और Tata Consultancy Services जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट ने इंडेक्स को नीचे खींचा है। इन शेयरों का Nifty50 और Sensex में बड़ा वेटेज है, इसलिए इनके बिना रिकवरी मुश्किल बनी हुई है।
रुपये में दिखी मजबूती
एक तरफ जहां शेयर बाजार दबाव में है, वहीं करेंसी मार्केट से राहत भरी खबर है। भारतीय रुपया 16 पैसे मजबूत होकर 83.62 (US Dollar) के स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की गिरती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से रुपये को सहारा मिला है। हालांकि, यह सकारात्मक संकेत अभी विदेशी फंड्स की निकासी के नेगेटिव सेंटीमेंट को खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या बाजार इन स्तरों पर सपोर्ट ले पाता है या दबाव बना रहेगा। बाजार में तब तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है जब तक FIIs की बिकवाली कम नहीं होती या घरेलू निवेशक खरीदारी के लिए आगे नहीं आते।
