भारत में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के मामलों में भारी उछाल आया है। साल 2025 में अब तक निवेशकों को **₹22,000 करोड़** से ज्यादा का नुकसान हुआ है। स्कैमर्स अब नकली ब्रोकरेज ऐप्स और सोशल मीडिया के जरिए रिटेल निवेशकों को अपना शिकार बना रहे हैं।
भारत में निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी अब एक गंभीर समस्या बन गई है। रिटेल निवेशकों की बढ़ती संख्या का फायदा उठाकर साइबर अपराधी अब बहुत ही बारीकी से जाल बिछा रहे हैं।
नकली ट्रेडिंग ऐप्स का जाल
स्कैमर्स अब हूबहू असली ब्रोकरेज फर्मों जैसे दिखने वाले नकली ट्रेडिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये ऐप्स शुरुआत में आपको भारी मुनाफे का भ्रम दिखाते हैं, लेकिन जब आप अपना पैसा निकालने की कोशिश करते हैं, तो आपसे टैक्स या कंप्लायंस फीस के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं। कोई भी फंड ट्रांसफर करने से पहले हमेशा चेक करें कि वह ऐप SEBI के साथ रजिस्टर्ड है या नहीं।
सोशल मीडिया पर 'एक्सपर्ट' से रहें सावधान
WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बड़े ग्रुप बनाकर लोगों को गलत 'इंसाइडर' टिप्स दी जा रही हैं। स्कैमर्स अलग-अलग लोगों को अलग-अलग टिप्स देते हैं, और जो सही साबित होती है, उस पर भरोसा जमाकर आपसे मोटी फीस या प्रॉफिट-शेयरिंग की मांग करते हैं। याद रखें, कोई भी रेगुलेटेड फाइनेंशियल एडवाइजर कभी भी ऐसे ग्रुप्स में अंदरूनी टिप्स नहीं देता।
पोंजी स्कीम का लालच
बाजार में जोखिम के बावजूद 'गारंटीड रिटर्न' का वादा करने वाली स्कीम्स पोंजी का हिस्सा हो सकती हैं। ऐसी स्कीम्स नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान करती हैं, और जैसे ही नए लोग जुड़ना बंद होते हैं, यह पूरा सिस्टम ढह जाता है।
कैसे बचाएं अपनी पूंजी?
यदि आपको धोखाधड़ी का शक हो, तो तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या CFCFRMS पोर्टल पर रिपोर्ट करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और हमेशा ऑफिशियल एक्सचेंज वेबसाइट्स पर ब्रोकर की क्रेडेंशियल्स की जांच करें। आपकी सतर्कता ही आपकी पूंजी की सबसे बड़ी सुरक्षा है।
