सेंसेक्स में बुधवार को **670** अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह IT शेयरों में बिकवाली और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें हैं। निवेशक अब Jio Platforms की लिस्टिंग और Adani Group व Hindustan Unilever के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।
बुधवार के कारोबारी सत्र में भारतीय बाजारों की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। BSE सेंसेक्स 670 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 में 0.69% की गिरावट देखी गई। बाजार पर सेक्टर-विशिष्ट कमजोरी और मैक्रोइकॉनॉमिक चिंताओं का साफ असर है।
IT सेक्टर बना बाजार का विलेन
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह IT सेक्टर रहा, जहां प्रमुख कंपनियों के शेयर 3% से ज्यादा गिर गए। बढ़ती ब्याज दरों की चिंताओं के बीच निवेशक अब ग्रोथ-ओरिएंटेड शेयरों से पैसा निकाल रहे हैं।
कच्चे तेल की आग
ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल का भाव $115 प्रति बैरल के ऊपर निकल गया है। सऊदी अरब की रिफाइनरी में हुई घटना के बाद सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसका सीधा असर भारत के पेंट, टायर और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर पर पड़ेगा, जहां एनर्जी कॉस्ट ज्यादा होती है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।
इन इवेंट्स पर रहेगी नजर
बाजार की नजर अब Jio Platforms की बाजार में एंट्री पर है। साथ ही, Adani Enterprises, Adani Ports और Hindustan Unilever के आने वाले नतीजों का असर बाजार की दिशा तय करेगा। इसके अलावा, निवेशकों को अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के फैसलों का भी इंतजार है।
विदेशी निवेशक (FPI) इस साल अब तक $31 बिलियन की निकासी कर चुके हैं। आने वाले दिनों में घरेलू कंपनियों के नतीजे यह तय करेंगे कि बाजार इन वैश्विक चुनौतियों को झेल पाएगा या नहीं।
