FPI Tax: विदेशी निवेशकों को बड़ी राहत की तैयारी! LTCG टैक्स हटाने की सिफारिश से बाजार में हलचल

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AuthorMehul Desai|Published at:
FPI Tax: विदेशी निवेशकों को बड़ी राहत की तैयारी! LTCG टैक्स हटाने की सिफारिश से बाजार में हलचल

SEBI ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए **12.5%** के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने की सिफारिश की है। साल 2026 में भारतीय बाजारों से **$31 बिलियन** की निकासी के बाद यह कदम विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए उठाया गया है।

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का मोह कम होना चिंता का विषय बना हुआ है। साल 2026 में बाजार से लगभग $31 बिलियन की निकासी के बाद, बाजार नियामक SEBI ने वित्त मंत्रालय को एक औपचारिक सुझाव भेजा है। इसमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) पर लागू 12.5% के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को पूरी तरह से हटाने की मांग की गई है। यह प्रस्ताव आगामी फाइनेंशियल ईयर 2027-28 के बजट की तैयारियों के बीच आया है।\n\n### सरकारी खजाने पर क्या होगा असर?\n\nइस फैसले के पीछे मुख्य मकसद विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार को फिर से प्रतिस्पर्धी बनाना है। हालांकि, सरकार के लिए यह राह आसान नहीं है। अगर सरकार यह टैक्स हटाती है, तो उसे सालाना ₹40,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ के संभावित रेवेन्यू लॉस का सामना करना पड़ सकता है। अब वित्त मंत्रालय को यह तय करना है कि क्या बाजार में तरलता (Liquidity) बढ़ाना तात्कालिक टैक्स कमाई से ज्यादा जरूरी है।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है संकेत?\n\nध्यान रखें कि यह अभी सिर्फ एक सुझाव (Recommendation) है, कोई अंतिम फैसला नहीं। टैक्स में राहत मिलने के बावजूद, FPI का भारत आना सिर्फ एक फैक्टर पर निर्भर नहीं करता। ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरें, भारतीय कंपनियों के अर्निंग ग्रोथ और करेंसी में स्थिरता जैसे फैक्टर्स भी विदेशी निवेश की दिशा तय करेंगे। आगामी यूनियन बजट में सरकार क्या रुख अपनाती है, इस पर निवेशकों की नजर बनी रहनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.