Alternative Investment Funds: भारत में AIF का जलवा! ₹7.59 लाख करोड़ के पार पहुंचा एसेट बेस

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Alternative Investment Funds: भारत में AIF का जलवा! ₹7.59 लाख करोड़ के पार पहुंचा एसेट बेस

भारत के अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIF) ने लंबी छलांग लगाते हुए ₹7.59 लाख करोड़ का आंकड़ा छू लिया है। इसमें सालाना 28.3% की जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है, जिसकी मुख्य वजह विदेशी निवेशकों के बजाय घरेलू निवेशकों का बढ़ता भरोसा है।

भारत के प्राइवेट मार्केट में लिक्विडिटी की कोई कमी नहीं दिख रही है। जून 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो AIF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹7.59 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 28.3% ज्यादा है। यह बताता है कि हाई-नेटवर्थ निवेशक अब पारंपरिक रास्तों से हटकर प्राइवेट इक्विटी और डेट जैसे विकल्पों में अपना पैसा लगाना पसंद कर रहे हैं।

घरेलू पैसा बना ताकत

इस ग्रोथ की असली इंजन भारतीय निवेशक हैं। घरेलू फंड्स में 38.5% का उछाल आया है और यह ₹6.06 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गए हैं। वहीं दूसरी तरफ, विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) की रुचि कम हुई है और उनका निवेश 41.7% घटकर ₹1,247 करोड़ रह गया है। यह संकेत है कि ग्लोबल इन्वेस्टर अब अपनी पूंजी को भारत के बाहर दूसरे बाजारों में डायवर्सिफाई कर रहे हैं।

पैसा कहां जा रहा है?

सेक्टोरल रुझान की बात करें तो फाइनेंशियल सर्विसेज का बोलबाला है। इसमें निवेश 50.4% बढ़कर ₹69,083 करोड़ हो गया है, जो बैंक, इंश्योरेंस और लेंडिंग बिजनेस में बढ़ते भरोसे को दिखाता है। पिछले साल चमकने वाला फार्मा सेक्टर अब ठंडा पड़ गया है, जिसमें महज 2.7% की बढ़ोतरी दिखी।

इसके अलावा, रियल एस्टेट में भी 24% की रिकवरी देखी गई है। मार्केट में Category II फंड्स का दबदबा बरकरार है, जिनके पास कुल एसेट बेस का 63% हिस्सा है। अनलिस्टेड सिक्योरिटीज और इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स में भी निवेशकों ने गहरी दिलचस्पी दिखाई है, जिसमें 30.2% की बढ़त के साथ यह आंकड़ा ₹4.73 लाख करोड़ पहुंच गया है। अब देखना यह होगा कि क्या घरेलू लिक्विडिटी इसी रफ्तार से बनी रहती है या आगे चलकर बाजार का रुख बदलता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.