Helios Capital के फाउंडर Samir Arora ने बाजार में 'एलिमिनेशन स्ट्रैटेजी' (Elimination Strategy) अपनाने की सलाह दी है। कंपनी का AUM **₹15,000 करोड़** के पार पहुंच चुका है और अरोड़ा भारत की ग्रोथ स्टोरी को लेकर बेहद सकारात्मक हैं।
एसेट मैनेजमेंट में बड़ी छलांग
Helios Mutual Fund ने भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। अगस्त 2026 तक कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹15,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। यह साल-दर-साल 200% की शानदार ग्रोथ को दर्शाता है, जो निवेशकों के बीच इस फंड हाउस की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
क्यों काम करती है 'एलिमिनेशन स्ट्रैटेजी'?
Samir Arora बाजार की उठा-पटक के बीच विनर्स को चुनने के बजाय, कमजोर परफॉर्म करने वाली कंपनियों को बाहर निकालने पर फोकस करते हैं। उनका मानना है कि बाजार के शोर और हर नई लिस्टिंग के पीछे भागने के बजाय, उन कंपनियों को फिल्टर करना ज्यादा जरूरी है जिनमें सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल या बेहतर गवर्नेंस की कमी है। यह रिस्क मैनेजमेंट उनके इन्वेस्टमेंट स्टाइल का अहम हिस्सा है।
इंडिया की ग्रोथ और ट्रेड पर क्या है राय?
ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद, अरोड़ा भारतीय इक्विटी के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। उनका मानना है कि भारत की कॉर्पोरेट अर्निंग्स में हो रही बढ़ोतरी बाजार के लिए सबसे बड़ा सहारा है। इसके अलावा, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड पॉलिसी में सुधार और अनिश्चितता का कम होना घरेलू एक्सपोर्टर्स के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
आगे की राह
मौजूदा निवेश माहौल में, जहां कैपिटल कॉस्ट अभी भी ऊंचे स्तरों पर है, अरोड़ा का मानना है कि अनुशासन ही चाबी है। वे निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे बाजार की रोजमर्रा की हलचल के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल्स और अर्निंग ग्रोथ की क्वालिटी पर ध्यान केंद्रित करें।
