ब्रोकरेज इंडस्ट्री में Groww का जलवा बरकरार है। अगस्त 2026 में कंपनी का मार्केट शेयर **29.04%** तक पहुंच गया है और अब इसके प्लेटफॉर्म पर **1.3 करोड़** से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं।
बाजार में बढ़ती पैठ
अगस्त 2026 में Groww ने 2.23 लाख नए एक्टिव क्लाइंट्स जोड़कर अपनी बादशाहत को और मजबूत किया है। यह आंकड़ा पूरे इंडस्ट्री में हुए नए क्लाइंट्स का करीब 44% है। कुल एक्टिव यूजर बेस अब 1.33 करोड़ हो गया है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक अब पारंपरिक बैंकिंग ब्रोकर को छोड़कर आसान और टेक-फ्रेंडली प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कमाई में जबरदस्त उछाल
कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़े भी इसकी ग्रोथ की गवाही दे रहे हैं। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने ₹735 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 94.44% की बड़ी छलांग है। कंपनी का रेवेन्यू भी 66% बढ़कर ₹1,501 करोड़ रहा। यह मुनाफा ब्रोकरेज कमीशन, डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग और मार्जिन फैसिलिटी जैसे अलग-अलग स्रोतों से आया है।
प्रतिस्पर्धियों का हाल
मार्केट में एकाधिकार बढ़ता जा रहा है। Angel One और Zerodha का मार्केट शेयर क्रमशः 14.62% और 14.79% है। जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं SBI Securities जैसे पारंपरिक ब्रोकर्स को नुकसान झेलना पड़ा है, जिनके 26,000 से ज्यादा एक्टिव क्लाइंट्स कम हो गए हैं।
चुनौतियां और रेगुलेटरी रिस्क
ग्रोथ के साथ-साथ चुनौतियां भी कम नहीं हैं। SEBI द्वारा डेरिवेटिव सेटलमेंट और क्लोजिंग ऑक्शन पर नए नियमों की समीक्षा पूरे सेक्टर के रेवेन्यू पर असर डाल सकती है। इसके अलावा, कंपनी का बिजनेस मॉडल पूरी तरह से ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर है, इसलिए बाजार में मंदी आने पर रेवेन्यू पर दबाव बन सकता है। कंपनी को अपनी साइबर सिक्योरिटी और सिस्टम की मजबूती बनाए रखने की भी बड़ी चुनौती है ताकि निवेशकों का भरोसा कायम रहे।
