Stock Market: 0.02% मर्चेंट फीस पर सरकार का बड़ा बयान, रिटेल निवेशकों को मिली राहत

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Stock Market: 0.02% मर्चेंट फीस पर सरकार का बड़ा बयान, रिटेल निवेशकों को मिली राहत

सरकार ने स्पष्ट किया है कि शेयर बाजार ट्रांजेक्शन पर लगने वाली **0.02%** की नई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का असर रिटेल निवेशकों पर नहीं पड़ेगा। यह नीति केवल डिजिटल पेमेंट सिस्टम की मजबूती के लिए है और व्यक्तिगत ट्रेडिंग पहले की तरह ही फ्री रहेगी।

रिटेल निवेशकों के लिए क्या है स्थिति?

मार्केट पार्टिसिपेंट्स के बीच इस बात को लेकर काफी उलझन थी कि क्या यह अतिरिक्त खर्च सीधे निवेशकों पर पड़ेगा। वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि ये चार्जेस सिर्फ मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम तक सीमित हैं। रिटेल निवेशक इस फीस से पूरी तरह सुरक्षित हैं और वर्तमान UPI फ्रेमवर्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। व्यक्तिगत ट्रांजेक्शन पहले की तरह ही रहेंगे और उन पर कोई भी नया वॉल्यूम-बेस्ड रिस्ट्रिक्शन नहीं लगाया गया है।

क्यों लागू हुई यह फीस?

0.02% की यह MDR दर वित्तीय क्षेत्र में डिजिटल पेमेंट के खर्च को व्यवस्थित करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। अथॉरिटीज का मकसद उन सिस्टम्स की ऑपरेशनल वायबिलिटी और सुरक्षा को बढ़ाना है, जो इन ट्रेड्स को प्रोसेस करते हैं। एक स्टैंडर्ड रेट तय करने से डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक समान फ्रेमवर्क तैयार होगा।

बाजार का रुख

हालांकि सरकार इसे इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिरता के लिए जरूरी मान रही है, लेकिन मर्चेंट एसोसिएशन इस तरह के खर्चों को लेकर सतर्क हैं। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शेयरों की खरीद-बिक्री की लागत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब बाजार की नजरें SEBI और प्रमुख एक्सचेंजों के अगले टेक्निकल सर्कुलर पर हैं, जो इस पेमेंट चेन के बीच के इंटरमीडियरीज के लिए नियम तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.