Google ने Play Store से हटाए 3 खतरनाक Loan Apps: Horizon Cash, Money Score, Zelicredit पर गिरी गाज

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AuthorMehul Desai|Published at:
Google ने Play Store से हटाए 3 खतरनाक Loan Apps: Horizon Cash, Money Score, Zelicredit पर गिरी गाज

Google ने भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के आदेश के बाद Play Store से तीन संदिग्ध लोन एप्लीकेशन्स - Horizon Cash Service, Money Score Monitor, और Zelicredit - को हटा दिया है। इन ऐप्स पर भारी ब्याज दरें वसूलने और संवेदनशील यूजर डेटा चुराने का आरोप है। यह डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स पर सरकार की सख्ती का एक और उदाहरण है।

धोखाधड़ी का तरीका

I4C, जो गृह मंत्रालय के तहत काम करता है, ने पाया कि ये एप्लीकेशन्स एंड्रॉयड यूजर्स को आसान और जल्दी लोन का लालच देकर फंसा रही थीं। एक बार जब यूजर्स ऐप इंस्टॉल करके पैसे ले लेते थे, तो ये सेवाएं मनमाने ढंग से अत्यधिक ब्याज दरें लगाती थीं, जिनका खुलासा स्पष्ट रूप से नहीं किया जाता था। इससे भी गंभीर बात यह है कि जांच में सामने आया कि ये प्लेटफॉर्म्स यूजर्स के डिवाइसेस से उनकी संवेदनशील निजी जानकारी भी चुरा रहे थे। इसमें आधार डिटेल्स, वित्तीय रिकॉर्ड, कॉन्टैक्ट्स और यहां तक कि पर्सनल फोटो गैलरी का डेटा भी शामिल था, जिससे पहचान की चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी का बड़ा खतरा पैदा हो गया था।

डिजिटल लेंडिंग पर सख्ती

सरकार ने यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) के तहत की है। यह कदम डिजिटल लेंडिंग के क्षेत्र को सुव्यवस्थित करने के लिए भारतीय अधिकारियों द्वारा किए जा रहे एक व्यापक और निरंतर प्रयास का हिस्सा है। पिछले कुछ महीनों में यह सख्ती और तेज हुई है, क्योंकि सरकार उन शिकारी लेंडिंग नेटवर्क्स से उपभोक्ताओं की रक्षा करने के लिए काम कर रही है जो अक्सर सीमाओं के पार काम करते हैं।

यह कोई एक घटना नहीं है। अगस्त 2026 में ही I4C ने इसी तरह के छह अन्य लोन ऐप्स को हटाने का आदेश दिया था। जुलाई में, पांच और ऐप्स इसी कारण से हटाए गए थे। इन लगातार कार्रवाइयों से डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियामक और गोपनीयता मानकों का पालन करने का दबाव साफ झलकता है।

डिजिटल लेंडिंग सेक्टर पर असर

निवेशकों और बाजार के प्रतिभागियों के लिए, यह रुझान भारत में डिजिटल फाइनेंस के लिए एक सख्त नियामक माहौल का संकेत देता है। जैसे-जैसे अधिकारी धोखाधड़ी वाले प्लेटफॉर्म्स की पहचान और उन्हें ब्लॉक करना जारी रखते हैं, वैध फिनटेक और डिजिटल लेंडिंग स्पेस की कंपनियों को उच्च अनुपालन आवश्यकताओं का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल क्रेडिट क्षेत्र में काम करने वाली किसी भी कंपनी को नियामक जांच से बचने के लिए डेटा सुरक्षा और पारदर्शी लेंडिंग प्रथाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। डिजिटल लेंडिंग का बाजार बड़ा बना हुआ है, लेकिन सरकार का वर्तमान रुख यह स्पष्ट करता है कि उपभोक्ता संरक्षण और डेटा गोपनीयता नियामकों के लिए मुख्य फोकस हैं। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये सख्त नियम विभिन्न डिजिटल लेंडिंग व्यवसायों की परिचालन लागत और विकास रणनीतियों को कैसे प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.