GST Council Meeting: GCC के टैक्स नियमों पर बड़ा फैसला संभव, 7 अक्टूबर को होगी बैठक

SEBIEXCHANGE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
GST Council Meeting: GCC के टैक्स नियमों पर बड़ा फैसला संभव, 7 अक्टूबर को होगी बैठक

GST काउंसिल की 57वीं बैठक अब 7 अक्टूबर, 2026 को होगी। इसमें Global Capability Centres (GCCs) के टैक्स क्लासिफिकेशन पर मंथन होगा, जिससे सर्विस एक्सपोर्ट कंपनियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

सरकार ने GST काउंसिल की 57वीं बैठक की तारीख बदल दी है। अब यह अहम बैठक 7 अक्टूबर, 2026 को होगी, जो ब्रिक्स (BRICS) लीडर्स समिट के साथ मेल खाती है। निवेशकों और कॉरपोरेट जगत की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार GCCs के टैक्स क्लासिफिकेशन को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता को दूर करेगी।

क्या है विवाद की जड़?

वर्तमान में IGST एक्ट की धारा 13(8)(b) के तहत, कई बार GCC द्वारा अपनी विदेशी पैरेंट कंपनियों को दी जाने वाली सेवाओं को 'इंटरमीडियरी' (Intermediary) मान लिया जाता है। इस वजह से इन पर 18% टैक्स लगता है, जबकि इन्हें 'एक्सपोर्ट' मानकर जीरो-रेटेड होना चाहिए।

निवेशकों के लिए क्यों जरूरी?

यह क्लासिफिकेशन विवाद कंपनियों के वर्किंग कैपिटल को फंसा देता है और कानूनी लड़ाइयों का दौर शुरू कर देता है। अगर काउंसिल इसे स्पष्ट रूप से 'एक्सपोर्ट' की श्रेणी में रखती है, तो इससे:

  • कंपनियों की कैश फ्लो एफिशिएंसी में सुधार होगा।
  • टैक्स लिटिगेशन (Litigation) का बोझ काफी कम हो जाएगा।
  • रेगुलेटरी स्पष्टता आने से आईटी और इंजीनियरिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों के लिए बिजनेस करना आसान होगा।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि दर कम करने के बजाय, सरकार का मुख्य फोकस नियमों के सरलीकरण और टैक्स रिफंड प्रोसेस को बेहतर बनाने पर हो सकता है। 7 अक्टूबर की बैठक के बाद जारी होने वाली आधिकारिक नोटिफिकेशन यह तय करेगी कि क्या टैक्स विवादों का यह दौर खत्म होगा या निवेशकों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.