GST Council का बड़ा फैसला: Exporters को प्लांट और मशीनरी पर मिलेगा टैक्स रिफंड

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AuthorMehul Desai|Published at:
GST Council का बड़ा फैसला: Exporters को प्लांट और मशीनरी पर मिलेगा टैक्स रिफंड

GST Council ने एक्सपोर्टर्स के लिए प्लांट और मशीनरी पर टैक्स रिफंड की नई योजना को मंजूरी दे दी है। यह राहत 1 अप्रैल, 2027 से लागू होगी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लिक्विडिटी बेहतर होने की उम्मीद है।

राहत की नई राह

8 अक्टूबर, 2026 को हुई 57वीं GST काउंसिल की बैठक में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। अब एक्सपोर्टर्स प्लांट और मशीनरी पर दिए गए टैक्स का रिफंड क्लेम कर सकेंगे। अब तक कंपनियों को यह टैक्स खुद उठाना पड़ता था, जिससे उनकी लागत बढ़ रही थी।

कैसे मिलेगा रिफंड?

यह कोई एकमुश्त (One-time) कैश इनफ्लो नहीं होगा। सरकार ने इसके लिए 5 साल की समय सीमा तय की है। रिफंड का प्रोसेस 1 अप्रैल, 2027 से शुरू होगा, जिसमें हर महीने एलिजिबल क्रेडिट का 1/60वां हिस्सा रिफंड के तौर पर मिलेगा। यह स्ट्रक्चरल बदलाव लंबे समय में टेक्सटाइल, केमिकल, इंजीनियरिंग और ऑटो कंपोनेंट जैसी भारी मशीनरी वाली इंडस्ट्रीज के लिए कैपिटल पर रिटर्न बेहतर करेगा।

कारोबार आसान बनाने पर जोर

काउंसिल ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत दो और बड़े बदलाव किए हैं:

  • प्रॉसिक्यूशन की सीमा: GST कानूनों के तहत कार्रवाई की थ्रेशोल्ड को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है।
  • इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर: 1 नवंबर, 2026 से इनपुट सर्विसेज पर जमा इनपुट टैक्स क्रेडिट के रिफंड को मंजूरी दी गई है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

हालांकि यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसकी सफलता GST नेटवर्क, कस्टम्स और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बीच डेटा इंटीग्रेशन पर टिकी है। अभी सरकार ने विस्तृत ऑपरेशनल गाइडलाइन्स जारी नहीं की हैं। निवेशकों को उन सर्कुलर पर नजर रखनी चाहिए, जिनमें क्लेम करने की शर्तें और डॉक्यूमेंटेशन की जानकारी दी जाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.