ग्लोबल बाजारों में रिकवरी के चलते भारतीय शेयर बाजार आज हरे निशान के साथ शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, FII की बिकवाली और **$105** के पार कच्चे तेल की कीमतें बाजार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty शुक्रवार को बढ़त के साथ खुलने के संकेत दे रहे हैं। GIFT Nifty, जो कि बाजार की चाल का प्रमुख इंडिकेटर माना जाता है, फिलहाल 23,072 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जिससे शुरुआती कारोबार में करीब 84 अंकों की उछाल की उम्मीद है।
ग्लोबल मार्केट का मूड
यह सकारात्मक रुख एशियाई बाजारों में आई रिकवरी और वॉल स्ट्रीट के स्थिर प्रदर्शन के बाद देखने को मिला है। हाल ही में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में आई भारी उठापटक के बाद ग्लोबल निवेशक अब अपनी पोजीशन को स्थिर करते हुए दिख रहे हैं। अमेरिका में अब कैपिटल का प्रवाह टेक कंपनियों से निकलकर हेल्थकेयर और कंज्यूमर गुड्स जैसे स्थिर सेक्टरों की ओर बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ रहा है।
चुनौती अभी बरकरार
बाजार का मूड भले ही बेहतर हुआ हो, लेकिन स्ट्रक्चरल प्रेशर अभी भी बना हुआ है। पिछले सत्र में Foreign Institutional Investors (FIIs) ने बाजार से ₹5,285 करोड़ के शेयर बेचे हैं। FII की लगातार बिकवाली और उसके मुकाबले घरेलू निवेशकों की सीमित खरीदारी बाजार में अस्थिरता की मुख्य वजह बनी हुई है।
इसके अलावा, एनर्जी सेक्टर की चिंताएं भी कम नहीं हैं। Brent crude oil अभी भी $105 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। महंगा कच्चा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निगेटिव है, क्योंकि इससे मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी कंपनियों की इनपुट कॉस्ट बढ़ जाती है। जब इनपुट कॉस्ट बढ़ती है, तो कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आता है, जिसे निवेशक बहुत गौर से देखते हैं। भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव भी बाजार की तेजी पर लगाम लगा रहे हैं।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ग्लोबल मार्केट का यह पॉजिटिव सेंटीमेंट FII की बिकवाली के दबाव को झेल पाएगा।
