GIFT City में काम कर रहे कैटेगरी III ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) को इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिले हैं। इन नोटिसों में डिविडेंड और ब्याज पर सरचार्ज की मांग की गई है, जबकि नियमों के तहत ये फंड्स इससे पूरी तरह एग्जम्प्ट (छूट प्राप्त) हैं।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में GIFT City में रजिस्टर्ड कई कैटेगरी III AIFs को टैक्स विभाग से डिमांड नोटिस मिले हैं। इन नोटिसों में कंपनी से डिविडेंड और इंटरेस्ट इनकम पर सरचार्ज भरने के लिए कहा गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई सरकारी नीति में बदलाव नहीं है, बल्कि इनकम टैक्स विभाग के ऑटोमेटेड सिस्टम में किसी तकनीकी खामी (Glitch) की वजह से ऐसा हुआ है।
क्यों चिंता में हैं फंड मैनेजर्स?
नियमों के मुताबिक, इन फंड्स पर 10% का फ्लैट टैक्स लगता है, और ये सरचार्ज के दायरे से बाहर हैं। यह छूट 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज एक्ट, 2020' के तहत मिली हुई है। अगर यह मुद्दा जल्द हल नहीं हुआ, तो फंड मैनेजर्स को कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स के पास अपील करने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
GIFT City का बढ़ता कद और चुनौतियां
GIFT City में निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। साल 2022 में जहां यहां सिर्फ 14 कैटेगरी III AIFs काम कर रहे थे, वहीं मार्च 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 228 हो गई है। इसी दौरान, इन फंड्स में कमिटेड कैपिटल भी $1 बिलियन से उछलकर $21.4 बिलियन के पार पहुंच गया है।
आगे क्या होगा?
इस समय इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) के बीच इस मामले को सुलझाने के लिए चर्चा जारी है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण (Clarification) जारी किया जाएगा, जो इन नोटिसों को अमान्य कर दे।
