📉 फाइनेंशियल हेल्थ पर ऑडिटर का गंभीर सवाल
Fedders Electric and Engineering Limited (BSE: 522245, NSE: FEDDREX) के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अनऑडिटेड स्टैंडअलोन फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दे दी है। लेकिन, इन नतीजों से ज्यादा चर्चा में ऑडिटर की वो रिपोर्ट है, जिसमें कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की सटीकता और पूर्णता पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
🚨 ऑडिटर की मुख्य आपत्तियां (Auditor's Objections)
ऑडिटर की रिपोर्ट में कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग पर कई बड़ी आपत्तियां दर्ज की गई हैं:
- फिक्स्ड एसेट्स (Fixed Assets) का लेखा-जोखा: पुराने मैनेजमेंट से लिए गए एसेट्स के लिए ठीक से फिक्स्ड एसेट्स रजिस्टर (Fixed Assets Register) मेंटेन नहीं किया गया है। नतीजतन, डेप्रिसिएशन (Depreciation) की गणना सिर्फ मैनेजमेंट के अनुमानों पर आधारित है, जिसकी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
- इन्वेंटरी (Inventory) का प्रबंधन: टेकओवर के दौरान मिले स्क्रैप (Scrap) की इन्वेंटरी रिकॉर्ड्स को NCLT ऑर्डर के अनुसार ठीक से मेंटेन नहीं किया गया है। यह एसेट वैल्यूएशन (Asset Valuation) और नियंत्रण (Control) दोनों को प्रभावित करता है।
- इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड (Investor Protection Fund): ₹47.65 लाख की एक राशि का नियमानुसार हस्तांतरण (Transfer) नहीं किया गया है, जो रेगुलेटरी (Regulatory) नियमों के अनुपालन (Compliance) पर सवाल उठाता है।
- फाइनेंशियल लायबिलिटीज (Financial Liabilities): कंपनी कुछ प्रेफरेंस शेयर्स (Preference Shares) के प्रेजेंट वैल्यू (Present Value) को निर्धारित करने या Ind AS 109 के तहत इफेक्टिव इंटरेस्ट मेथड (Effective Interest Method) को लागू करने में नाकाम रही है। इस गंभीर गैर-अनुपालन (Non-compliance) का वित्तीय प्रभाव अनक्वांटिफाएबल (unquantifiable) बताया गया है।
- खर्चों का सत्यापन (Expense Verification): क्रेडिट कार्ड से किए गए टूर और ट्रैवलिंग खर्चों के लिए पर्याप्त सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स (Supporting Documents) का अभाव है। इस वजह से इन दर्ज किए गए खर्चों की सटीकता भी अनक्वांटिफाएबल है।
- ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables): ₹26.44 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स को 'अदर इनकम' (Other Income) के तहत दर्ज किया गया है, जिन्हें पहले राइट-ऑफ (Write-off) कर दिया गया था। इनके उचित वेरिफिकेशन (Verification) का अभाव है। ऑडिटर ने साफ तौर पर कहा है कि यदि सही वेरिफिकेशन संभव होता, तो 'अदर इनकम' और डेटर्स (Debtors) का आंकड़ा कम होता।
ऑडिटर ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन गंभीर मुद्दों के संभावित प्रभावों को छोड़कर, बाकी सब कुछ ठीक पाया गया। साथ ही, इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट्स (Internal Audit Reports) के शेयर न होने से भी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ऑडिट प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी।
🚩 डीलिस्टिंग के बीच बढ़ी चिंता, निवेशकों को सावधानी की ज़रूरत
इन सब चिंताओं के बीच, कंपनी NSE और BSE से डीलिस्टिंग (Delisting) की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है, जिसे NCLT इलाहाबाद ने हरी झंडी दे दी है। ऐसे में, निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की विश्वसनीयता है। ऑडिटर की ये आपत्तियां कंपनी की वित्तीय सेहत और गवर्नेंस (Governance) पर गंभीर संदेह पैदा करती हैं। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए एग्जिट ऑप्शन्स (Exit Options) सीमित हो सकते हैं और मार्केट की निगरानी भी कम हो जाएगी। यह देखते हुए कि कई मुद्दों का प्रभाव अनक्वांटिफाएबल है, निवेशकों को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए और कंपनी से इन गंभीर चिंताओं को दूर करने की योजनाओं पर स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।