Financial Stability and Development Council (FSDC) ने देश के फाइनेंशियल सिस्टम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बढ़ती ग्लोबल बॉन्ड यील्ड को बड़ी चुनौती बताया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बैठक में साइबर सुरक्षा और निवेशकों के लिए KYC नियमों को आसान बनाने पर जोर दिया है।
दिल्ली में आयोजित FSDC की 30वीं बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की आर्थिक सेहत का आकलन किया। इस बैठक में RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA जैसे बड़े रेगुलेटर्स के प्रमुख शामिल हुए।
आर्थिक सिस्टम पर मंडराते खतरे
बैठक का मुख्य केंद्र नए दौर के जोखिम थे। काउंसिल ने साफ किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल मिलकर बाजार में बड़ी अस्थिरता (Volatility) पैदा कर सकते हैं। ग्लोबल स्तर पर यील्ड बढ़ने से उधार लेना महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर निवेश पर पड़ता है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और KYC में बदलाव
सरकार का फोकस क्रेडिट तक पहुंच आसान बनाने पर है। इसके लिए Unified Lending Interface और Account Aggregator फ्रेमवर्क के जरिए MSMEs को लोन दिलाना आसान बनाया जाएगा। साथ ही, विदेशी निवेशकों और NRI के लिए KYC प्रक्रिया को और सरल बनाने की तैयारी है ताकि मार्केट में भागीदारी बढ़ सके।
साइबर सुरक्षा और लावारिस संपत्ति
बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए ग्रामीण बैंकों की सुरक्षा को मजबूत करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने 'Your Money, Your Right' कैंपेन के जरिए सालों से बैंकों, इंश्योरेंस और शेयर्स में पड़ी लावारिस (Unclaimed) संपत्ति को वापस दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
