अक्टूबर के आखिरी हफ्तों में विदेशी निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजारों में वापसी की है। इन निवेशकों ने चुनिंदा तौर पर IT और टेलीकॉम सेक्टर में **₹13,112 करोड़** का भारी निवेश किया है, हालांकि पूरे महीने के आंकड़ों को देखें तो FPIs नेट सेलर ही रहे हैं।
अक्टूबर के दूसरे भाग में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। भारी बिकवाली के बीच इन निवेशकों ने अचानक खरीदारी का रुख अपनाया और बाजार में ₹13,112 करोड़ का निवेश किया। यह निवेश उस दौर के ठीक बाद आया है, जब अक्टूबर के पहले पखवाड़े में FPIs ने ₹47,955 करोड़ के शेयर बाजार से बाहर निकाले थे।
कहाँ हुआ सबसे ज्यादा निवेश?
यह खरीदारी पूरे बाजार में नहीं, बल्कि बेहद चुनिंदा रही। आंकड़ों के अनुसार, IT सेक्टर में ₹11,065 करोड़ और टेलीकॉम सेक्टर में ₹10,915 करोड़ का फ्रेश पैसा आया है। इसका मतलब साफ है कि संस्थागत निवेशक अब पूरी तरह से रिस्क लेने के बजाय उन क्षेत्रों पर दांव लगा रहे हैं जहाँ ग्रोथ की संभावनाएं दिख रही हैं।
अभी भी सतर्क रहने की जरूरत
हालांकि अंत में खरीदारी हुई, लेकिन अक्टूबर का पूरा महीना FPIs के लिए बिकवाली का ही रहा। कुल मिलाकर, अक्टूबर में FPIs ने ₹34,843 करोड़ के शेयर बेचे। गौर करने वाली बात यह है कि बाजार के कुल 24 सेक्टरों में से सिर्फ 5 सेक्टरों में ही पैसा आया है, जबकि 18 अन्य सेक्टरों से अभी भी लगातार पैसा बाहर निकल रहा है। FMCG, ऑटोमोबाइल और ऑयल एंड गैस सेक्टर अभी भी निवेशकों की पसंद नहीं बने हुए हैं।
निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि बाजार अभी किसी व्यापक रिकवरी के बजाय सेक्टर रोटेशन के दौर से गुजर रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या IT और टेलीकॉम में आई यह खरीदारी आने वाले हफ्तों में जारी रहती है या यह केवल एक अस्थायी बदलाव है।
