Indian Equities: FPIs की भारी बिकवाली, साल 2026 में **₹3 लाख करोड़** से ज्यादा पैसा निकाला

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AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Equities: FPIs की भारी बिकवाली, साल 2026 में **₹3 लाख करोड़** से ज्यादा पैसा निकाला

विदेशी निवेशकों यानी FPIs ने भारतीय शेयर बाजार से इस साल अब तक **₹3 लाख करोड़** से ज्यादा की पूंजी निकाल ली है। सिर्फ अक्टूबर के महीने में ही इन्होंने **₹44,000 करोड़** से ज्यादा के शेयर बेचे हैं।

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। अक्टूबर 2026 में ही FPIs ने ₹44,166 करोड़ के शेयर बेचे हैं। इसके साथ ही इस साल अब तक कुल आउटफ्लो ₹3.04 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है, जो साल 2025 की कुल बिकवाली से भी कहीं ज्यादा है।\n\n### बिकवाली की असली वजह क्या है?\n\nबाजार में इस सुस्ती के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर्स हैं। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 5.2% के ऊपर बनी हुई है, जिससे अमेरिकी एसेट्स निवेशकों को ज्यादा आकर्षक लग रहे हैं। वहीं, मजबूत डॉलर के कारण भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सेक्टर में बूम के चलते निवेशक अपना पैसा नॉर्थ एशियन मार्केट्स की तरफ शिफ्ट कर रहे हैं।\n\n### मार्केट पर असर और घरेलू सहारा\n\nविदेशी बिकवाली का सीधा असर Nifty पर दिखा है, जो इस साल अब तक 13.9% गिर चुका है। हालांकि, बाजार पूरी तरह नहीं ढहा है, क्योंकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने मजबूती के साथ खरीदारी की है और विदेशी बिकवाली को झेलने के लिए एक सपोर्ट लेयर का काम किया है।\n\n### अब निवेशकों की नजरें कहां हैं?\n\nवोलेटिलिटी के इस दौर में अब सबकी नजरें कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर हैं। निवेशक Wipro और HCL Technologies जैसी बड़ी IT कंपनियों के नतीजों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं ताकि बैलेंस शीट की सेहत का अंदाजा लग सके। इसके अलावा, घरेलू महंगाई के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और US फेड की पॉलिसी में बदलाव आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.