Indian Stock Market: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली, H1FY27 में निकाले **₹1 लाख करोड़** से ज्यादा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Stock Market: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली, H1FY27 में निकाले **₹1 लाख करोड़** से ज्यादा

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों (FPIs) का मोहभंग होता दिख रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली छमाही में FPIs ने भारतीय बाजार से **₹1 लाख करोड़** से अधिक की निकासी की है। इस बड़ी बिकवाली के पीछे अमेरिकी ब्याज दरें और महंगे वैल्युएशन मुख्य कारण माने जा रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार में बीते कुछ महीनों से विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। डिपॉजिटरी डेटा के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच FPIs ने भारतीय इक्विटी से ₹1,29,187 करोड़ की नेट सेलिंग की है। सिर्फ सितंबर महीने में ही विदेशी निवेशकों ने ₹35,861 करोड़ के शेयर बेचे। साल 2026 की बात करें तो अब तक कुल आउटफ्लो ₹2.6 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है।

क्यों हो रही है इतनी भारी बिकवाली?

बाजार के जानकारों का मानना है कि इसके पीछे कई बड़े ग्लोबल कारण हैं:

  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने से विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों के बजाय सुरक्षित अमेरिकी एसेट क्लास में पैसा लगाना पसंद कर रहे हैं।
  • डॉलर की मजबूती: मजबूत डॉलर के कारण ग्लोबल फंड मैनेजरों को भारत में निवेश पर कम रिटर्न मिल रहा है, जिससे वे मुनाफावसूली कर रहे हैं।
  • महंगे वैल्युएशन: भारतीय बाजार के शेयर अब ऐतिहासिक औसत के मुकाबले काफी महंगे दिख रहे हैं, जिसके कारण निवेशक पैसा निकालकर सस्ते बाजारों का रुख कर रहे हैं।

सेक्टर्स पर असर और उम्मीद की किरण

बिकवाली का सबसे ज्यादा दबाव फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑयल एंड गैस सेक्टर पर दिखा है। हालांकि, सर्विस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कंज्यूमर सर्विसेज जैसे घरेलू खपत पर आधारित क्षेत्रों में अभी भी कुछ खरीदारी बनी हुई है।

एक दिलचस्प बात यह है कि सेकेंडरी मार्केट में भले ही FPIs शेयर बेच रहे हैं, लेकिन वे प्राइमरी मार्केट यानी IPO में अभी भी रुचि दिखा रहे हैं। इसका मतलब है कि विदेशी निवेशक भारत से पूरी तरह बाहर नहीं निकल रहे हैं, बल्कि बहुत चुनिंदा होकर दांव लगा रहे हैं। अब निवेशकों की नजर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स की चाल पर टिकी है, जिसके स्थिर होने पर ही बाजार में दोबारा विदेशी पैसा लौटता दिख सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.