अक्टूबर महीने में विदेशी निवेशकों (FPIs) ने सेकेंडरी मार्केट से **₹38,513 करोड़** के शेयर बेचे, लेकिन प्राइमरी मार्केट यानी IPOs में **₹12,902 करोड़** का निवेश किया, जो पिछले 15 महीनों का उच्चतम स्तर है। इस बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने **₹62,220 करोड़** की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
विदेशी निवेशकों (FPIs) की भारतीय बाजार को लेकर दोहरी रणनीति साफ दिख रही है। एक तरफ जहां वे सेकेंडरी मार्केट में बिकवाली कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नए शेयरों यानी IPOs में उनकी दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के डेटा के अनुसार, अक्टूबर में प्राइमरी मार्केट में FPIs का निवेश ₹12,902 करोड़ रहा, जो जुलाई 2025 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
सेकेंडरी मार्केट में सुस्ती का माहौल
सेकेंडरी मार्केट में FPIs का रुख बेहद आक्रामक रहा है। अक्टूबर में ₹38,513 करोड़ की बिकवाली के साथ, साल-दर-साल कुल नेट सेलिंग का आंकड़ा ₹2.87 ट्रिलियन तक पहुंच चुका है। यह निरंतर बिकवाली इंडेक्स पर भारी दबाव बना रही है, क्योंकि कई बड़ी कंपनियों में FPIs की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है।
बाजार का असली 'रक्षक' बना घरेलू पैसा
बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की भूमिका अहम रही है। म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और बैंकों ने मिलकर अक्टूबर में ₹62,220 करोड़ के शेयर खरीदे। इस जबरदस्त बाइंग पावर ने FPIs की बिकवाली के असर को काफी हद तक कम कर दिया है।
क्यों बदल रहे हैं ग्लोबल निवेशक?
दुनियाभर में बदलती मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियां इस उठापटक की असली वजह हैं। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) बढ़ने से डॉलर आधारित एसेट्स ज्यादा आकर्षक हो गए हैं। इसके अलावा, जापान में 'येन कैरी ट्रेड' के टूटने से लिक्विडिटी में कमी आई है। वहीं, कमोडिटी कीमतों में उछाल और ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधाओं ने भी विदेशी निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है।
डेट मार्केट से भी बाहर निकल रहे FPIs
इक्विटी के साथ-साथ डेट मार्केट में भी विदेशी निवेशकों ने अपने हाथ पीछे खींचे हैं। सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में लगातार दूसरे महीने बिकवाली करते हुए FPIs ने ₹5,609 करोड़ के निवेश को निकाला है। जियो-पॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं।
