भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा। विदेशी निवेशकों (FIIs) ने **₹3,459 करोड़** के शेयर बेचे, हालांकि घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभालने की कोशिश में **₹2,891 करोड़** की खरीदारी की, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ब्याज दरों के डर ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।
बाजार का हाल
भारतीय शेयर बाजार के लिए 22 अक्टूबर का सत्र काफी निराशाजनक रहा। लगातार तीसरे दिन गिरावट के बाद, Nifty 50 इंडेक्स 123.70 अंक यानी 0.54% गिरकर 22,687.65 पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex 460.30 अंक फिसलकर 73,249.39 के स्तर पर जा पहुंचा। बाजार का मूड खराब होने के कारण मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी बिकवाली हावी रही, जिसमें Nifty Midcap 100 में 0.87% और Nifty Smallcap 100 में 1.14% की गिरावट देखी गई।
सेक्टर का हाल
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो IT शेयरों में 1% की गिरावट रही, जिसकी मुख्य वजह US Federal Reserve की आगामी पॉलिसी से पहले निवेशकों की सावधानी है। FMCG सेक्टर को 1.4% का झटका लगा, जिसमें Nestle India के शेयर नियामक सवालों के चलते 2% लुढ़क गए।
कच्चे तेल की चिंता और RBI का अलर्ट
मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। क्रूड ऑयल (Brent Crude) के दाम $111 प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं, जो महंगाई का खतरा बढ़ा रहे हैं। Reserve Bank of India (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की हालिया बैठक में भी महंगाई को लेकर संकेत साफ हैं। अगर महंगाई का दबाव इसी तरह बना रहा, तो मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में रेपो रेट में 100 बेसिस पॉइंट्स तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
