2 नवंबर 2026 को भारतीय बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। विदेशी निवेशकों (FIIs) ने **₹3,115 करोड़** की भारी खरीदारी की, जिससे Nifty 50 **1.68%** उछलकर **23,440.80** के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में लौटी रौनक
अक्टूबर में लगातार बिकवाली के बाद नवंबर की शुरुआत निवेशकों के लिए राहत भरी रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाजार में ₹3,115 करोड़ का निवेश किया, जिससे बाजार को काफी सपोर्ट मिला। इस खरीदारी का मुख्य आधार Reliance Industries के शानदार नतीजे रहे, जिसके चलते शेयर में 11.6% का उछाल देखा गया।
क्रूड ऑयल और मैक्रो डेटा
बाजार की तेजी में क्रूड ऑयल के दाम गिरने का भी बड़ा हाथ रहा। कच्चे तेल की कीमतें 4% घटकर USD 108 प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत की बात है। वहीं, मैक्रो फ्रंट पर GST कलेक्शन 23% बढ़कर ₹2.31 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले चार सालों की सबसे तेज ग्रोथ है।
सावधानी जरूरी है
हालांकि बाजार ऊपर है, लेकिन घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹392 करोड़ के शेयर बेचे हैं। IT सेक्टर में 0.9% की गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को अब अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले 'US Midterm Elections' पर नजर रखनी होगी, क्योंकि यह ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव (Volatility) पैदा कर सकता है।
आगे क्या होगा?
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजरें SBI और Bajaj Finserv के तिमाही नतीजों पर टिकी रहेंगी। जियोपॉलिटिकल तनाव और वैश्विक बाजार के रुख के बीच अभी सतर्क रहकर ट्रेड करना ही समझदारी होगी।
