MSCI इंडेक्स रीबैलेंसिंग के चलते 31 अगस्त, 2026 को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजारों से ₹7,986 करोड़ के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की जबरदस्त खरीदारी ने बाजार को गिरने से काफी हद तक थामे रखा।
MSCI रीबैलेंसिंग का असर
31 अगस्त, 2026 के कारोबारी सत्र में भारी हलचल देखने को मिली। यह बिकवाली मुख्य रूप से MSCI इंडेक्स में हुए बदलावों के कारण हुई, जिसके चलते पैसिव फंड्स ने अपने पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव किए। इन बड़े ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए एक्सचेंज के Closing Auction Session का इस्तेमाल किया गया, ताकि कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव न हो।
इंडेक्स में कौन अंदर, कौन बाहर?
MSCI इंडिया इंडेक्स में नए बदलाव लागू हो गए हैं। इंडेक्स में Adani Energy Solutions, Laurus Labs, Lenskart Solutions और Billionbrains Garage Ventures (Groww की पैरेंट कंपनी) को शामिल किया गया है। वहीं, Balkrishna Industries, SBI Cards और Astral को इंडेक्स से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
घरेलू निवेशकों का दम
विदेशी बिकवाली के बीच DIIs ने एक बार फिर बाजार को सुरक्षा कवच प्रदान किया है। केवल 31 अगस्त को DIIs ने ₹4,588 करोड़ की खरीदारी की। अगर अगस्त महीने की बात करें, तो DIIs ने ₹58,000 करोड़ से अधिक के शेयर खरीदे हैं। यह साफ दिखाता है कि भारतीय बाजार अब विदेशी फंड्स पर पूरी तरह निर्भर नहीं है।
बाजार की चाल
भारी उठापटक के बावजूद मुख्य इंडेक्स में गिरावट सीमित रही। Nifty 50 0.39% फिसलकर 24,080.40 पर बंद हुआ, जबकि S&P BSE Sensex 307 अंक गिरकर 76,957.27 पर रहा। मिड-कैप शेयरों में मजबूती देखी गई, जो यह संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है।
