Election Commission of India ने दिल्ली में **33.13 लाख** वोटर्स को रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी को लेकर नोटिस भेजे हैं। इसे लेकर विपक्ष ने सिस्टम की सटीकता पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग इसे रूटीन प्रक्रिया बता रहा है।
चुनाव आयोग (ECI) की ओर से दिल्ली के लाखों मतदाताओं को भेजे गए नोटिस ने सियासी हलचल तेज कर दी है। इन नोटिसों का मकसद 'स्पेशल इंटीग्रेटेड रोल' (SIR) वेरिफिकेशन के जरिए चुनावी डेटाबेस को अपडेट करना है। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में पूर्व उप-प्रधानमंत्री LK Advani, विदेश मंत्री S Jaishankar और पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar जैसे दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं।
विपक्ष का हमला
इतने बड़े चेहरों को नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और TMC नेता Saket Gokhale ने सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का तर्क है कि यदि वीआईपी (VIPs) के रिकॉर्ड में भी खामियां मिल रही हैं, तो आम नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया कितनी त्रुटिपूर्ण हो सकती है।
चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सफाई दी है कि यह पूरी तरह से एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका लक्ष्य डेटा को शुद्ध करना है, न कि किसी वैध वोटर का नाम हटाना।
क्या करें मतदाता?
जिन भी नागरिकों को नोटिस मिला है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वे ऑफिशियल पोर्टल या विशेष कैंप के जरिए अपने दस्तावेजों की पुष्टि कर सकते हैं। इन खामियों को दूर करने की डेडलाइन 29 अक्टूबर तय की गई है।
