Enforcement Directorate (ED) ने Reliance Power के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए **₹2,032.81 करोड़** की संपत्ति जब्त करने का प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया है। फॉरेन एक्सचेंज नियमों के उल्लंघन के आरोपों के बीच कंपनी के शेयर में लगभग **1%** की गिरावट देखी गई है।
मामला क्या है?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के कथित उल्लंघन के मामले में Reliance Power के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। यह जांच 2006 के दौर के वित्तीय लेन-देन से जुड़ी है। जब्त की गई संपत्तियों में कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Sasan Power Limited के शेयर शामिल हैं, जिनकी वैल्यू ₹2,026.65 करोड़ है। इसके अलावा, ₹6.16 करोड़ का बैंक बैलेंस भी फ्रीज किया गया है।
कर्ज और कानूनी पेंच
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये शेयर पहले से ही Power Finance Corporation (PFC) के पास कर्ज के बदले गिरवी (pledged) रखे गए हैं। रेगुलेटरी फ्रीज और लेंडर के अधिकारों के बीच का यह टकराव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
कंपनी का पक्ष
यह जांच SEBI द्वारा मिली जानकारियों के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें ₹2,100 करोड़ से अधिक के राइट-ऑफ (write-offs) का मामला सामने आया था। ED का आरोप है कि इन पैसों को विदेशी शेल कंपनियों के जरिए डायवर्ट किया गया। हालांकि, Reliance Power ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि वे कानूनी तौर पर इस आदेश को चुनौती देंगे और ये ट्रांजेक्शन सभी जरूरी मंजूरियों के साथ किए गए थे।
इस खबर के बाद Reliance Power के शेयर में 1.05% की गिरावट दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर कंपनी के कानूनी बचाव और उन संपत्तियों पर बनी रहेगी, जो पहले से ही लेंडर्स के पास गिरवी हैं।
