Enforcement Directorate (ED) ने NewsClick के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। एजेंसी का आरोप है कि पोर्टल को **₹92.33 करोड़** की अवैध विदेशी फंडिंग मिली थी।
Enforcement Directorate (ED) ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें NewsClick और उसके फाउंडर प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही को रद्द कर दिया गया था। जांच एजेंसी का तर्क है कि हाई कोर्ट का फैसला जल्दबाजी में लिया गया और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े ठोस सबूतों को नजरअंदाज किया गया।\n\n### विदेशी फंडिंग का आरोप\nएजेंसी का मुख्य दावा है कि अमेरिका स्थित बिजनेसमैन नेविल रॉय सिंघम ने एक नेटवर्क के जरिए NewsClick को ₹92.33 करोड़ की अवैध फंडिंग की। आरोप है कि यह पैसा भारतीय संस्थानों को कमजोर करने के लिए भेजा गया था। जांच के अनुसार, यह राशि दो रास्तों से आई थी।\n\n### वित्तीय अनियमितताओं का ब्योरा\nएजेंसी के मुताबिक:\n- Worldwide Media Holdings LLC से ₹9.59 करोड़ FDI के नाम पर आए, जो डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म के लिए निर्धारित 26% की सीमा से अधिक थे।\n- इसके अलावा ₹82.63 करोड़ सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट रसीद के रूप में दिखाए गए, जो कथित तौर पर फर्जी थे।\n\n### जुर्माना और कानूनी संकट\nफिलहाल, PPK NewsClick Studio Pvt Ltd पर ₹120 करोड़ और प्रबीर पुरकायस्थ पर ₹64 करोड़ का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया गया है, जो अभी अपीलीय ट्रिब्यूनल (Appellate Tribunal) के पास लंबित है। यह मामला PMLA और UAPA के तहत जांच के दायरे में है, और अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या इस मामले की कार्यवाही को फिर से शुरू किया जाना चाहिए।
