Election Commission of India ने दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती से **727** मतदाताओं के नाम हटने की खबरों पर स्पष्टीकरण दिया है। आयोग ने इसे एक मानक प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है और प्रभावित नागरिकों के लिए **30 सितंबर, 2026** तक आवेदन करने का विकल्प खोल दिया है।
नाम हटने की असल वजह क्या है?
Election Commission of India (ECI) ने स्पष्ट किया है कि बेला एस्टेट इलाके से 727 नामों को हटाना किसी राजनीतिक मंशा का हिस्सा नहीं था, बल्कि यह स्थानीय प्रशासनिक बदलावों का नतीजा है। 2022 और 2023 के बीच अवैध आवासीय इकाइयों को तोड़े जाने के बाद, कई निवासी अब उस विशेष स्थान पर 'सामान्य निवासी' (Ordinary Residence) होने की पात्रता पूरी नहीं करते थे।
क्या है मानक प्रोटोकॉल?
नियमों के अनुसार, Booth Level Officers ने इन नामों को ASDD लिस्ट (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट) में डाल दिया था। आयोग ने जोर देकर कहा कि चुनावी पात्रता के लिए निवास का प्रमाण अनिवार्य है और यह निर्णय पूरी तरह से डेटा और रेगुलेटरी गाइडलाइंस पर आधारित है।
प्रभावित नागरिक क्या करें?
आयोग ने उन नागरिकों के लिए मौका दिया है जो इस प्रक्रिया में प्रभावित हुए हैं। आप 30 सितंबर, 2026 तक नए एनरोलमेंट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- फॉर्म 6: नए एनरोलमेंट के लिए।
- फॉर्म 8: आवासीय पते में सुधार के लिए।
अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। प्रभावित निवासियों को अपने स्थानीय Electoral Registration Officers के पास संपर्क करने की सलाह दी गई है।
