Tech Stocks: विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच 'संकटमोचक' बने Domestic Mutual Funds, संभाला ₹21,000 करोड़ का बोझ

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Tech Stocks: विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच 'संकटमोचक' बने Domestic Mutual Funds, संभाला ₹21,000 करोड़ का बोझ

साल 2026 में भारतीय न्यू-एज टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। विदेशी निवेशकों (FPIs) की तरफ से की गई ₹21,000 करोड़ से ज्यादा की बिकवाली को घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने पूरी तरह से सोख लिया है, जो भारतीय रिटेल निवेशकों के SIP के दम पर संभव हुआ है।

बाजार में बड़ा बदलाव: एफपीआई बनाम घरेलू फंड्स

भारतीय शेयर बाजार में टेक कंपनियों के मालिकान हक (Ownership) में एक बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव हो रहा है। नवंबर 2026 की शुरुआत तक, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने टेक स्पेस से लगभग ₹21,043 करोड़ के शेयर बेचे हैं। इस बिकवाली के पीछे मुख्य कारण शुरुआती दौर के वेंचर कैपिटल फर्मों द्वारा अपनी हिस्सेदारी भुनाना है। वहीं दूसरी ओर, घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने रिटेल निवेशकों के SIP के पैसों का इस्तेमाल करके इस सप्लाई को बाजार से उठा लिया है।

क्यों बेच रहे हैं विदेशी निवेशक?

दुनियाभर में बदल रहे मैक्रो-इकोनॉमिक हालातों की वजह से विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी मार्केट से इस साल ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा निकाले हैं। इसमें कच्चे तेल (Crude oil) की बढ़ती कीमतें और अमेरिका में ब्याज दरों के समीकरण बड़ी वजह रहे हैं। Alpha Wave Ventures और Ribbit Capital जैसी बड़ी वेंचर कैपिटल फर्मों ने अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए बल्क और ब्लॉक डील का सहारा लिया है।

घरेलू फंड्स का दबदबा

इस बिकवाली के सामने SBI Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, Mirae Asset, Kotak Mahindra और HDFC Mutual Fund जैसे बड़े नाम एक मजबूत दीवार बनकर खड़े हुए हैं। इन्होंने टेक सेगमेंट में ₹14,258 करोड़ की नेट खरीदारी की है।

निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?

अब जबकि इन कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी घरेलू फंड्स के पास है, तो इनकी वैल्यूएशन अब पूरी तरह से स्थानीय फंड मैनेजरों के भरोसे है। ये स्टॉक अब घरेलू SIP इनफ्लो के प्रति बेहद संवेदनशील हो गए हैं। यदि भविष्य में रिटेल निवेश की रफ्तार सुस्त पड़ती है, तो इन शेयरों में दबाव बढ़ सकता है।

निवेशकों को अब कंपनियों के तिमाही नतीजों पर पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अब बाजार 'सिर्फ ग्रोथ' नहीं बल्कि 'सस्टेनेबल प्रॉफिट' और 'कैश फ्लो' की उम्मीद करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.