Share Market: FIIs ने की बिकवाली तो DIIs ने संभाला मोर्चा, भारतीय बाजार में जारी रहा खींचतान

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Share Market: FIIs ने की बिकवाली तो DIIs ने संभाला मोर्चा, भारतीय बाजार में जारी रहा खींचतान

22 सितंबर को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ₹3,810 करोड़ के शेयर बेचे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹4,120 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को बड़ा सहारा दिया। इस उठापटक के बीच Nifty 50 में 0.4% की गिरावट दर्ज की गई और चार दिन से जारी तेजी का सिलसिला थम गया।

बाजार में निवेशकों की दोहरी चाल

सितंबर महीने का डेटा एक दिलचस्प तस्वीर पेश कर रहा है। जहां विदेशी निवेशक लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं, वहीं घरेलू निवेशक भारतीय बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए हैं। सितंबर में अब तक DIIs कुल ₹43,136 करोड़ की नेट खरीदारी कर चुके हैं, जबकि इसके उलट FIIs ने ₹11,427 करोड़ की निकासी की है। यह साफ दिखाता है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी के बावजूद स्थानीय लिक्विडिटी बाजार को गिरने से बचाने का काम कर रही है।

गिरावट के पीछे के कारण

बाजार पर ग्लोबल दबाव साफ देखा जा सकता है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल ने इमर्जिंग मार्केट्स के प्रति विदेशी निवेशकों का आकर्षण कम कर दिया है। इसके अलावा, भारतीय शेयरों की ऊंची वैल्यूएशन और रुपये की अस्थिरता भी विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

सेक्टर का हाल

सेक्टोरल फ्रंट पर नजर डालें तो एनर्जी और IT सेक्टर दबाव में रहे। Nifty Oil & Gas इंडेक्स में 0.5% की गिरावट आई, क्योंकि देश के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ के आंकड़े 4.8% (3 महीने का निचला स्तर) पर आ गए हैं। IT सेक्टर में भी 0.8% की कमजोरी देखी गई। हालांकि, नई लिस्टिंग में अभी भी निवेशकों का भरोसा कायम है, जो यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का बाहर जाना एक रणनीतिक निर्णय है, न कि भारत की विकास गाथा से पूरी तरह किनारा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.