13 अक्टूबर 2026 को भारतीय बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। Sensex **1,109** अंक उछलकर बंद हुआ। बाजार को सहारा मिला घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) से, जिन्होंने **₹2,439 करोड़** की खरीदारी की, जबकि विदेशी निवेशकों (FIIs) ने **₹1,305 करोड़** के शेयर बेचे। साल 2026 में अब तक FIIs **₹3 लाख करोड़** से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं।
मंगलवार को भारतीय इक्विटी मार्केट ने जबरदस्त मजबूती दिखाई। BSE Sensex 1,109 अंक चढ़कर 73,033.78 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं Nifty 50 में 1.60% की बढ़त रही और यह 22,721.95 पर रहा।
ग्लोबल बनाम लोकल कैपिटल की जंग
साल 2026 में बाजार लगातार एक 'टग-ऑफ-वॉर' देख रहा है। अमेरिका में 5.2% से ऊपर चल रही ट्रेजरी यील्ड और डॉलर की मजबूती के दबाव में विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। साल के अब तक के आंकड़ों को देखें तो FIIs ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा की निकासी कर चुके हैं। ग्लोबल फंड्स अब अपना पैसा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वाले सेक्टर्स की ओर शिफ्ट कर रहे हैं।
DIIs बने बाजार के रक्षक
विदेशी बिकवाली के बावजूद घरेलू लिक्विडिटी ने बाजार को गिरने से बचा लिया। म्यूचुअल फंड्स और रिटेल निवेशकों के जरिए आ रही निरंतर खरीदारी ने बाजार को एक 'फ्लोर' दिया है।
आईटी सेक्टर का सपोर्ट
बाजार की तेजी में IT सेक्टर का बड़ा हाथ रहा, जो 5.2% तक भागा। HCL Technologies जैसे शेयरों में आए उछाल और कैपिटल गेन्स व सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) पर आई राहत भरी टिप्पणियों ने सेंटीमेंट को सुधार दिया।
आगे क्या रखें ध्यान?
निवेशकों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। हाई US इंटरेस्ट रेट्स और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए रिस्क बनी हुई हैं। बाजार की चाल अब पूरी तरह से इस बात पर टिकी है कि घरेलू निवेशक विदेशी बिकवाली को कब तक सोख पाते हैं।
