ग्लोबल इन्वेस्टर The Carlyle Group ने 26 अगस्त को Viyash Scientific में अपनी **10.88%** हिस्सेदारी **₹1,259.4 करोड़** में बेच दी है। इस बड़े ब्लॉक डील के बाद स्टॉक में **5.37%** की गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि कई बड़े म्यूचुअल फंड्स ने इसमें खरीदारी भी की है।
ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म The Carlyle Group ने अपनी दो इकाइयों, CA Hull Investments और CA Harbor Investments के जरिए Viyash Scientific में अपनी होल्डिंग को काफी कम कर दिया है। कंपनी ने कुल 4.75 करोड़ शेयर बेचे, जो कंपनी की कुल इक्विटी का 10.88% है। यह पूरी डील लगभग ₹1,259.4 करोड़ में संपन्न हुई।\n\nनेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इस खबर के बाद शेयर 5.37% गिरकर ₹263.4 पर बंद हुआ। आमतौर पर जब कोई बड़ा प्राइवेट इक्विटी निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचता है, तो मार्केट में सप्लाई बढ़ने से शॉर्ट-टर्म दबाव बनता है। हालांकि, इस डील में बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की भागीदारी को कंपनी के प्रति भरोसे के रूप में भी देखा जा रहा है।\n\n### किसने की खरीदारी?\n\nइस ब्लॉक डील के दौरान Kotak Mahindra AMC और Bandhan Mutual Fund जैसे बड़े नाम सक्रिय दिखे। आंकड़ों के मुताबिक, Kotak Mahindra AMC ने 24.69 लाख शेयर और Bandhan Mutual Fund ने 28.43 लाख शेयर खरीदे हैं। इसके अलावा Edelweiss Mutual Fund, Panvira India Innovation Fund, S Gupta Homes और Aagam Investments ने भी खरीदारी में हिस्सा लिया।\n\n### ग्रोथ और रिस्क पर नजर\n\nViyash Scientific का भविष्य काफी हद तक उसकी 'इनऑर्गेनिक ग्रोथ' रणनीति पर टिका है। कंपनी ने हाल ही में BioForLife Italia का अधिग्रहण किया है। हालांकि, ऐसे अधिग्रहण बाजार में पकड़ तो मजबूत करते हैं, लेकिन इनके सफल एकीकरण (Integration) की चुनौती भी बड़ी होती है। यदि मैनेजमेंट इसे सही ढंग से मैनेज नहीं करता, तो मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।\n\nनिवेशकों के लिए अब आगे के क्वार्टरली नतीजे अहम होंगे, जिसमें यह साफ होगा कि हालिया अधिग्रहणों का रेवेन्यू और मुनाफे पर क्या असर पड़ा है। आने वाले समय में कंपनी की वैल्यूएशन और ग्रोथ की स्थिरता ही तय करेगी कि स्टॉक इस झटके से कितनी तेजी से रिकवर करता है।
