Calcutta Stock Exchange (CSE) ने SEBI से अपनी एग्जिट प्रोसेस को रोकने की गुजारिश की है। पश्चिम बंगाल सरकार के समर्थन और रिवाइवल की उम्मीदों के बीच CSE के अनलिस्टेड शेयरों में जोरदार तेजी आई है और भाव **₹900** से बढ़कर **₹2,100** के पार पहुंच गए हैं।
रिवाइवल की उम्मीदों ने बढ़ाई हलचल
Calcutta Stock Exchange ने SEBI को अपनी वॉलंटरी एग्जिट एप्लिकेशन को होल्ड पर रखने के लिए आधिकारिक तौर पर कहा है। यह कदम एक्सचेंज के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है, जो अब तक अपने कारोबार को समेटने की तैयारी कर रहा था। इस रिवाइवल प्लान को पश्चिम बंगाल सरकार का भी साथ मिला है, जिसने अपने 2026-27 के बजट में एक्सचेंज को पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के लिए एक बिजनेस हब बनाने की इच्छा जताई है।
अनलिस्टेड मार्केट में जबरदस्त उछाल
इस खबर का सीधा असर अनलिस्टेड मार्केट में दिख रहा है। जून 2026 में जिस शेयर का भाव ₹900 के आसपास था, वह सितंबर की शुरुआत तक ₹2,100 के स्तर को पार कर गया है। निवेशकों में यह उम्मीद जगी है कि एक्सचेंज फिर से चालू हो सकता है, हालांकि यह ध्यान रहे कि अप्रैल 2013 से यह एक्सचेंज ट्रेडिंग के लिए बंद पड़ा है।
क्या वाकई मुमकिन है वापसी?
राजनैतिक समर्थन के बावजूद, राह आसान नहीं है। अगस्त 2026 के मध्य तक एक्सचेंज ने SEBI के पास कोई औपचारिक रिवाइवल प्रपोजल जमा नहीं किया है। फिर से शुरू होने के लिए एक्सचेंज को तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर बड़ा बदलाव करना होगा। मौजूदा समय में CSE के पास आधुनिक क्लियरिंग और सेटलमेंट सिस्टम का अभाव है, जिसे खड़ा करने के लिए भारी निवेश की जरूरत होगी।
इसके अलावा, भारतीय बाजार पर पहले से ही NSE और BSE का दबदबा है। ऐसे में संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) को एक छोटे रीजनल प्लेटफॉर्म पर लाना बहुत बड़ी चुनौती है। निवेशकों को यह समझना चाहिए कि फिलहाल यह सब केवल कयासों पर आधारित है। जब तक SEBI से कोई ठोस प्लान अप्रूव नहीं होता, तब तक निवेश जोखिम से भरा है। बाजार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि एक्सचेंज कब अपना विस्तृत बिजनेस और टेक्नोलॉजी प्लान रेगुलेटर के पास जमा करता है।
