शेयर बाजार में रिस्क घटाने के लिए ब्रोकर F&O सेगमेंट में नए 'स्यूटेबिलिटी चेक' लाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, एक कमोडिटी एक्सचेंज ने अपना डेटा सेंटर माइग्रेशन रोक दिया है और Jio Platforms की **28 अक्टूबर** को धमाकेदार लिस्टिंग होने जा रही है।
F&O ट्रेडिंग में बड़ा बदलाव
भारतीय स्टॉकब्रोकर्स अब डेरिवेटिव्स (F&O) सेगमेंट में कदम रखने वाले निवेशकों के लिए रिस्क असेसमेंट को और कड़ा करने पर विचार कर रहे हैं। वर्तमान में, सिर्फ बैंक स्टेटमेंट और डीमैट होल्डिंग्स के आधार पर जो वेरिफिकेशन होता है, उसे काफी नहीं माना जा रहा है। अब इंडस्ट्री में एक नए प्रोसेस पर चर्चा हो रही है, जिससे 'स्यूटेबिलिटी चेक' एक वन-टाइम प्रक्रिया के बजाय लगातार चलने वाली मॉनिटरिंग बन सकेगी।
कमोडिटी एक्सचेंज के प्रोजेक्ट पर रोक
एक प्रमुख डोमेस्टिक कमोडिटी एक्सचेंज ने अपने डेटा सेंटर माइग्रेशन प्रोजेक्ट को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है। रेगुलेटर के फीडबैक के बाद एक्सचेंज ने अपने टेक्निकल प्लान्स और टाइमलाइन की दोबारा समीक्षा करने का फैसला किया है। यह कदम बाजार में सिस्टम की स्थिरता और नियमों के अनुपालन (Compliance) को लेकर एक्सचेंज की गंभीरता को दिखाता है।
Jio Platforms का IPO काउंटडाउन
मार्केट में 28 अक्टूबर की तारीख सबसे अहम है, जब Jio Platforms की लिस्टिंग होगी। ₹30,213 करोड़ के इस आईपीओ को लेकर संस्थागत निवेशकों में काफी उत्साह है। ग्रे मार्केट की बात करें तो यह स्टॉक 22% के प्रीमियम यानी लगभग ₹248 के फायदे के साथ कारोबार कर रहा है। हालांकि, रिटेल डिमांड काफी अधिक है, लेकिन असली तस्वीर लिस्टिंग वाले दिन के सेकेंडरी मार्केट के माहौल पर निर्भर करेगी।
