26 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में **₹6,900 करोड़** से ज्यादा के ब्लॉक डील्स हुए। इस हलचल में पांच प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी उठापटक देखी गई।
भारतीय शेयर बाजार में 26 अगस्त 2026 को लिक्विडिटी का एक बड़ा शिफ्ट देखने को मिला। NSE और BSE पर हुए इन बड़े ब्लॉक डील्स ने मार्केट का मूड बदल दिया। जहां कुछ शेयरों में खरीदारी देखी गई, वहीं प्रमोटर्स और बड़े निवेशकों द्वारा हिस्सेदारी बेचे जाने के कारण कई कंपनियों पर दबाव भी रहा।
Welspun, Groww और Viyash पर दबाव
बिकवाली के दबाव में सबसे प्रमुख नाम रहा Billionbrains Garage Ventures (Groww की पैरेंट कंपनी)। यहाँ लगभग 12.74 करोड़ शेयर यानी कुल इक्विटी का 2.1% हिस्सा ₹2,500 करोड़ में बदला। अर्ली इन्वेस्टर Ribbit Capital की बिकवाली के बाद शेयर में 3% से ज्यादा की गिरावट आई।
Welspun Corp में भी ₹1,433 करोड़ का बड़ा ब्लॉक डील हुआ। कंपनी के MD और CEO Vipul Mathur और प्रमोटर एंटिटी द्वारा हिस्सा बेचे जाने के बाद शेयर 6% तक टूट गया। इसके अलावा, Viyash Scientific में 10% इक्विटी यानी 3 करोड़ से ज्यादा शेयर ₹1,390 करोड़ में ट्रेड हुए, जिससे स्टॉक 5% गिर गया।
Physicswallah और Rubicon में तेजी
उलटफेर के बीच Physicswallah और Rubicon Research के शेयर खरीदारों के आकर्षण का केंद्र रहे। Physicswallah के करीब 4.67 करोड़ शेयरों का लेन-देन ₹550 करोड़ में हुआ। इस भारी वॉल्यूम के बावजूद शेयर की कीमत में उछाल दर्ज की गई। वहीं, Rubicon Research में ₹2,150 करोड़ से अधिक का ब्लॉक डील हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और स्टॉक ऊपर चढ़ गया।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
रिटेल निवेशकों को समझना चाहिए कि ब्लॉक डील्स का मतलब शेयरहोल्डिंग में बड़े बदलाव होता है। जब प्रमोटर्स खुद शेयर बेचते हैं (जैसा Welspun में हुआ), तो बाजार सतर्क हो जाता है। लेकिन Physicswallah जैसे मामलों में, अगर भारी सप्लाई के बाद भी शेयर ऊपर जाता है, तो यह इंस्टीट्यूशनल बायर्स का कंपनी पर भरोसा दर्शाता है। ऐसी हलचलों पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि यह कंपनी के भविष्य के ट्रेंड का संकेत हो सकता है।
