BSE के निवेशकों के लिए राहत की खबर है। SEBI की एक समिति ने डेरिवेटिव्स के लिए पुरानी **30-मिनट VWAP** सेटलमेंट प्रक्रिया को ही जारी रखने का फैसला किया है, जिससे बाजार में अनिश्चितता खत्म हो गई है और BSE का शेयर **3%** बढ़कर **₹3,430** के स्तर पर पहुंच गया है।
बाजार में क्यों आई राहत की लहर?
गुरुवार को मार्केट में तब हलचल बढ़ गई जब यह खबर आई कि Securities and Exchange Board of India (SEBI) की Secondary Market Advisory Committee (SMAC) ने फिलहाल डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट नियमों में बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है। इस खबर के बाद BSE का शेयर लगभग 3% की मजबूती के साथ ₹3,430 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
क्या है मौजूदा सिस्टम?
मौजूदा सेटलमेंट सिस्टम में 3:00 pm से 3:30 pm के बीच हुए ट्रेड के Volume-Weighted Average Price (VWAP) के आधार पर अंतिम भाव तय किया जाता है। यह तरीका दिन के अंत में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव (Volatility) को रोकने में मददगार साबित होता है। समिति ने कम से कम 1 साल तक इसी प्रक्रिया को जारी रखने की सिफारिश की है, जिससे ब्रोकर्स और ट्रेडर्स को बड़ी राहत मिली है।
क्यों था बदलाव का डर?
मार्केट के जानकारों और पार्टिसिपेंट्स को डर था कि अगर सेटलमेंट प्रक्रिया को 'क्लोजिंग ऑक्शन सेशन' में शिफ्ट किया जाता, तो खास तौर पर एक्सपायरी के दिन बाजार में भारी अस्थिरता बढ़ सकती थी। नियामक ने फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मॉडल की जगह बाजार की स्थिरता को प्राथमिकता दी है। चूंकि BSE भारत का एकमात्र लिस्टेड स्टॉक एक्सचेंज है, इसलिए ऐसी किसी भी रेगुलेटरी खबर का सीधा असर इसके स्टॉक पर देखने को मिलता है।
फिलहाल, नियामक अगले 1 साल तक मार्केट के व्यवहार की निगरानी करेगा, जिसके बाद ही किसी बड़े बदलाव पर विचार किया जा सकता है। अब निवेशकों की नजर SEBI के सर्कुलर्स और मार्केट स्टेबिलिटी पर आने वाले अपडेट्स पर टिकी होगी।
